नए साल के पहले सप्ताह में बैंक और वित्तीय संस्थानों द्वारा दो अरब डॉलर का निपटान करने से भारतीय कंपनियों ने विदेशी कोष जुटाने की गतिविधि बढ़ाए जाने के काफी संकेत देने शुरू कर दिए हैं। निवेश बैंकरों ने कहा है कि कई भारतीय कॉरपोरेट घराने संसाधन जुटाने के अगले चरण में हैं जिससे कोष जुटाने की राशि फरवरी की शुरुआत तक पांच अरब डॉलर तक पहुंच सकती है।
दुनिया भर में खास तौर डॉलर बॉन्डों के माध्यम से कोष जुटाने की मात्रा वर्ष 2020 में सबसे ज्यादा थी और वर्ष 2021 के पहले तीन सत्रों के दौरान तकरीबन 50 अरब डॉलर का वित्त पोषण नजर आया है। देश में भारतीय आयात निर्यात बैंक ने 1 अरब डॉलर जुटाए, भारतीय स्टेट बैंक ने 60 करोड़ डॉलर एकत्रित किए और श्रीराम ट्रांसपोर्ट ने लगभग $50 करोड़ डॉलर जुटाए। प्रचार कार्यक्रमों का आयोजन किए बिना यह किया गया था।
इनिशल प्राइस गाइडेंस की तुलना में वे प्राइस गाइडेंस को 20 से 45 आधार अंक (बीपीएस) तक सीमित रखने में सक्षम रहे। जैसा कि भारतीय स्टेट बैंक के मामले में मजबूत मांग के आधार पर प्राइस गाइडेंस को टी +175 आधार अंक से टी +140 आधार अंक तक संशोधित किया गया था।
बैंक ऑफ अमेरिका के ग्लोबल कैपिटल मार्केट्स के भारत प्रमुख सुनील खेतान ने कहा कि कोष जुटाने के लिहाज से नए साल की शुरुआत अच्छी रही है। जनवरी के पहले सप्ताह में तीन सौदे हुए हैं। यह उस सौदा गतिविधि के लिए एक पूर्व संकेत है जो इस महीने होगा और वर्ष भर रहने की उम्मीद है।
नवीकरण और वित्तीय सेवाओं जैसे क्षेत्रों में पांच से छह कंपनियां बातचीत के अलग-अलग चरण में हैं तथा दस्तावेज संबंधी काम चल रहा है।