आदित्य बिड़ला समूह के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने भारतीय कंपनियों से सतर्क रहने सभी वित्तीय मानकों को बनाए रखने को कहा है, जिससे कि वे कोरोना महामारी जैसे किसी भी संभावित संकट का प्रभावी तरीके से सामना कर सकें। हालांकि बिड़ला ने कंपनियों से कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव से चिंतित नहीं होने को कहा है, लेकिन साथ ही उनका यह भी कहना है कि कंपनियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे किसी तरह की गंभीर अनिश्चितताओं में न फंसें।
बिड़ला ने एक वेब पोस्ट में कहा कि जिस तरह से कोरोना ने बीमारियों (मधुमेह, अवसाद, उच्च रक्तचाप या मोटापा आदि) से जुड़े लोगों को ज्यादा प्रभावित किया, उसी तरह की स्थिति व्यवसायों के लिए भी लागू हो सकती है।
उन्होंने लिखा है, ‘भले ही यह आंशिक रूप से लागू हो, लेकिन समस्याओं से जूझ रहे व्यवसाय 2008 के वित्तीय संकट जैसे झटकों से मुकाबला करने में कम सक्षम रहे हैं। लेकिन इसमें भी अंतर है। मानवीय परिस्थितियों के विपरीत, जो अक्सर हमारे नियंत्रण से परे होती हैं, व्यवसायों के लिए गंभीर समस्याओं के संदर्भ में कोई आनुवंशिक प्रवृति नहीं होती है। अत्यधिक कर्ज भले ही कुछ हद तक फायदेमंद साबित हो सकता है, लेकिन दीर्घावधि में इससे बुनियादी आधार कमजोर होता है।’
उन्होंने कहा, ‘ये ऐसी समस्याएं हैं, जो उस स्थिति में घातक साबित हो सकती हैं, जब महामारी जैसे झटके व्यवस्था को अपनी चपेट में लेते हैं। ये खतरे अच्छे समय के दौरान नजरअंदाज हो जाते हैं और इसलिए कंपनियों के लिए अच्छी प्रबंधन प्रणालियों के सिद्घांत के प्रति सजग रहना जरूरी है।’
वर्क फ्रॉम होम (डब्ल्यूएफएच) पर बिड़ला ने कहा कि चूंकि भारतीय उद्योग जगत कार्य स्थल पर लौटने के लिए तैयार है, लेकिन उसे कार्य प्रणाली के भविष्य पर बड़े सवाल का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, ‘कइयों का मानना है कि डब्ल्यूएफएच इस दशक का मेगा-टें्रड बनने जा रहा है। मेरा इसे लेकर कुछ अलग नजरिया है। आखिरकार ‘ऑफिस’ ही ऐसा स्थान नहीं है जहां हम कार्य कर सकते हैं।’
बजाज फाइनैंस का मुनाफा 30 फीसदी घटा
बजाज फाइनैंंस का शुद्ध लाभ दिसंबर तिमाही में 30 फीसदी घटकर 1,049 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 1,488 करोड़ रुपये रहा था। शुद्ध ब्याज आय में गिरावट और प्रावधान में इजाफे का असर कंपनी के मुनाफे पर पड़ा। लेकिन कंपनी ने कहा है कि कर्ज के नुकसान वाले प्रावधान, ब्याज की वापसी और सरप्लस नकदी की लागत पहली तिमाही में कोविड पूर्व के स्तर पर आ जाएगी, लिहाजा कंपनी का मुनाफा सुधरेगा।
कंपनी की शुद्ध ब्याज आय इस अवधि में 7.24 फीसदी घटकर 3,977 करोड़ रुपये रह गई, जो पिछले साल की समान अवधि में 4,265 करोड़ रुपये रही थी। कंपनी की कुल आय भी एकल आधार पर 7 फीसदी घटकर 5,847 करोड़ रुपये रह गई। बीएस