इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनैंस ने एक बार फिर ब्रिटेन के ओकनॉर्थ बैंक की हिस्सेदारी अमेरिका की रीवा कैपिटल पाटर्नर्स को करीब 441 करोड़ रुपये में बेच दी। पिछले महीने कंपनी ने ब्रिटिश बैंक की हिस्सेदारी का एक भाग टोस्काफंड ऐसेट मैनेजमेंट की तरफ से प्रबंधित फंड टीईएमएफ को करीब 630 करोड़ रुपये मेंं और बॉस्टन की निवेश फर्म हाईसेज वेंचर्स को 440 करोड़ रुपये में बेचा था। इस रकम का इस्तेमाल पूंजी पर्याप्तता अनुपात को मजबूत बनाने में किया जाएगा।
ताजा हिस्सेदारी बिक्री के साथ इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनैंस सितंबर व अक्टूबर में नई इक्विटी के जरिए 2,273 करोड़ रुपये जुटा चुकी है। इसमें से 683 करोड़ रुपये पात्र संस्थागत नियोजन से और 1,590 करोड़ रुपये ओकनॉर्थ की हिस्सेदारी बिक्री से जुटाए गए हैं। कंपनी ने नियामक को दी सूचना मेंं ये बातें कही है।
कंपनी ने नवंबर 2015 में ओकनॉर्थ बैंक की 40 फीसदी हिस्सेदारी खरीद पर 663 करोड़ रुपये निवेश किया था। नवंबर 2017 में कंपनी ने बैंक की 10 फीसदी हिस्सेदारी सिंगापुर सरकार के स्वामित्व वाली निवेश इकाई जीआईसी को 770 करोड़ रुपये में बेची थी। बैंक अपनी स्थापना के 11 महीने और परिचालन के चार साल में लाभ में आ गया। बैंक की जमाएं 3 अरब पाउंड तक पहुंच गई। शुरुआत से अब तक बैंक 4 अरब पाउंड से ज्यादा की उधारी दे चुका है।
उच्च पूंजी पर्याप्तता अनुपात निवेशकोंं को अनिश्चित समय में सहजता मुहैया कराता है क्योंंकि मोरेटोरियम खाते से वास्तविक एनपीए सभी वित्तीय कंपनियों के लिए अहम होगा।