अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन की सालाना वैश्विक रोजगार रुझान का कहना है कि मंदी की वजह से अचानक बेरोजगार, कामकाजी गरीबों और खतरनाक करने वाले लोगों की तादाद में भारी इजाफा आ गया है।
यह रिपोर्ट बुधवार को जारी की गई। नौकरियों की हालत और मंदी से निपटने के उपायों को ध्यान में रखते हुए इस रिपोर्ट में कहा गया है कि हालात इस साल बदतर हो सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक इस साल 1.8 करोड़ से लेकर तीन करोड़ लोगों को अपनी नौकरी गंवानी पड़ेगी।
अगर हालात यूं ही रहे, तो नौकरी से निकाले गए लोगों की तादाद पांच करोड़ के पार कर सकती है। रिपोर्ट के अनुसार इस साल बेरोजगारी की दर बढ़कर 6.1 फीसदी तक पहुंच सकती है। रिपोर्ट का कहना है कि इस वजह से 20 करोड़ कामगारों की हालत बदतर हो सकती है।