facebookmetapixel
Advertisement
विदेशी निवेशकों की खरीदारी से बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स 889 अंक उछला, निफ्टी में 265 अंकों की बढ़तपश्चिम एशिया में हवाई हमलों से कच्चा तेल 7% उछला, ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर के करीब पहुंचाRBI के दखल और शेयर बाजार की तेजी से रुपया मजबूत, 13 जुलाई के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर बंदSEBI के नए टोटल एक्सपेंस रेश्यो नियम लागू, फिर भी AMC ने बचाया मार्जिन, मुनाफा भी बढ़ाटाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स की Q1 में दमदार शुरुआत, ब्रांडेड कारोबार और ग्रोथ पोर्टफोलियो से बिक्री में दोहरे अंक की बढ़तIRDAI ने प्रो टेक जनरल इंश्योरेंस को लाइसेंस दिया, पतंजलि-डीएस ग्रुप के मैग्मा जनरल इंश्योरेंस अधिग्रहण को भी मंजूरीसाइबर हमलों के बढ़ते खतरे से बैंक सतर्क, 5 साल में साइबर बीमा कवर दोगुना कर 10 करोड़ डॉलर तक पहुंचायायूपी में उद्योगों को बड़ी राहत, ₹1 के शुल्क पर शुरू होगा निर्माण; नया भवन विनियम जल्द होगा लागूSBI ने AT-1 बॉन्ड से जुटाए ₹4,691 करोड़, चालू वित्त वर्ष का पहला परपेचुअल बॉन्ड इश्यूडिग्री के बाद भी नौकरी की चुनौती, कंपनियों को नहीं मिल रहे तैयार उम्मीदवार

स्टार्टअप की नाराजगी के बाद गूगल ने ऐप पर शुल्क टाला

Advertisement
Last Updated- December 14, 2022 | 11:03 PM IST

अल्फाबेट इंक की गूगल ने भारतीय ऐप डेवलपरों के लिए कमीशन शुल्क की नई बिलिंग व्यवस्था की अंतिम तिथि 6 महीने टालने का फैसला किया है। भारत के स्थानीय स्टार्टअप की ओर से शुल्क को लेकर तीखी नाराजगी के कुछ दिन बाद कंपनी ने यह फैसला किया है।
कंपनी ने कहा है कि गूगल अब अपनी वैश्विक नीति और कड़ाई से लागू करेगी और 31 मार्च 2022 से भारत के डेवलपरों से इन-ऐप खरीद पर 30 प्रतिशथ कमीशन शुल्क लेगी। कंपनी ने कहा कि स्थानीय जरूरतों पर चिंताओं को ध्यान में रखते हुए यह फैसला किया गया है।
कंपनी के खिलाफ न्यायालय में और सरकार के समक्ष शिकायत दर्ज कराने को लेकर भारत की तमाम स्टार्टअप ने एकजुटता दिखाई थी। नियमों के अनुपालन की मूल तिथि अगले साल 30 सितंबर थी। स्टार्टअप ने कमीशन शुल्क को लेकर खेद जताते हुए गूगल प्ले स्टोर की कुछ अन्य नीतियों की आलोचना की थी और कहा था कि इससे उनके कारोबार को नुकसान पहुंच रहा है।
गूगल ने एक ब्लॉगपोस्ट में कहा है, ‘हम तब तक सफल नहीं हो सकते, जब तक कि हमारे साझेदार सफल नहीं होते हैं।’ कंपनी ने कहा है कि वह सुनवाई सत्र शुरू करेगी और भारत के प्रमुख स्टार्टअप के मसलों को समझने की कवायद करेगी।  भारत के करीब आधे अरब स्मार्टफोन में से 99 प्रतिशत गूगल के एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलते हैं।
भारत के एक स्टार्टअप अधिकारी ने नाम न दिए जाने की शर्त पर कहा, ‘शुल्क को टाला जाना ही पर्याप्त नहीं है।’ उन्होंने कहा, ‘सबसे बड़े ऐप्लीकेशन स्टोर के रखवालों को साफ सुधरा और पारदर्शी होने की जरूरत है।’

Advertisement
First Published - October 5, 2020 | 11:39 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement