facebookmetapixel
Advertisement
‘एशिया के उदय का प्रतीक है नालंदा’, राजगीर में बोले विदेश मंत्री: दुनिया अब सिर्फ पश्चिम की नहीं रही‘चिप निर्माण का ग्लोबल हब बनेगा भारत’, साणंद में केन्स सेमीकंडक्टर प्लांट के उद्घाटन के दौरान बोले PM मोदीएथनॉल का ‘पावर डोज’ फिर भी तेल आयात में तेजी: क्या पेट्रोल में मिश्रण से कम होगी विदेशी निर्भरता?अप्रैल में बारिश की बौछार के साथ गर्मी का प्रहार भी! IMD ने जारी किया अगले महीने का मिला-जुला अपडेटडिजिटल इंडिया की नई रफ्तार: हर भारतीय यूजर महीने में खर्च कर रहा है 31 GB से ज्यादा मोबाइल डेटावीर विक्रम यादव संभालेंगे DGCA की कमान, विमानन संकटों के बीच नए महानिदेशक की नियुक्तिईरान पर अंतिम प्रहार की तैयारी? अमेरिकी रक्षा मंत्री बोले: युद्ध में अगले कुछ दिन होंगे निर्णायकओजेम्पिक-वेगोवी होगी सस्ती: नोवो नॉर्डिस्क ने कीमतों में की 48% तक की कटौती, मरीजों को बड़ा फायदारूस बना ‘संकटमोचक’! मार्च में 9 महीने के उच्चतम स्तर पर रूसी तेल का आयात, होर्मुज संकट से बदला गणितरुपये में आएगी ऐतिहासिक गिरावट? 97 के स्तर को छू सकता है भारतीय मुद्रा, सर्वे में डराने वाले संकेत

FSSAI: खाने की चीजों की पैकिंग में बंद करें अखबार का उपयोग

Advertisement

एफएसएसएआई इस संबंध में नियमों की निगरानी और उन्हें लागू करने के लिए राज्य खाद्य अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है।

Last Updated- September 28, 2023 | 11:21 PM IST
Junk Food

भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने बड़े स्वास्थ्य जोखिमों का हवाला देते हुए खाद्य विक्रेताओं और उपभोक्ताओं से खाद्य पदार्थों की पैकिंग, उन्हें परोसने और भंडारण के लिए अखबारों का इस्तेमाल तुरंत बंद करने को कहा है। एफएसएसएआई इस संबंध में नियमों की निगरानी और उन्हें लागू करने के लिए राज्य खाद्य अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है।

एफएसएसएआई के मुख्य कार्याधिकारी जी कमला वर्धन राव ने देश भर के उपभोक्ताओं और खाद्य विक्रेताओं से खाद्य पदार्थों की पैकिंग, उन्हें परोसने और भंडारण के लिए समाचार पत्रों का उपयोग तुरंत बंद करने का आग्रह किया है। उन्होंने भोजन को लपेटने या पैकेजिंग करने के लिए समाचार पत्रों के उपयोग पर चिंता व्यक्त की और इस प्रथा से जुड़े महत्त्वपूर्ण स्वास्थ्य जोखिमों के बारे में भी बताया।

एफएसएसएआई ने चेतावनी दी, ‘समाचार पत्रों में इस्तेमाल की जाने वाली स्याही में ज्ञात नकारात्मक स्वास्थ्य प्रभावों वाले विभिन्न जैव सक्रिय पदार्थ होते हैं, जो भोजन को दूषित कर सकते हैं और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा कर सकते हैं।’ नियामक ने कहा कि इसके अतिरिक्त मुद्रण स्याही में सीसा और भारी धातुओं सहित रसायन शामिल हो सकते हैं, जो भोजन में प्रवेश कर सकते हैं, जिससे समय के साथ गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा हो सकते हैं।

एफएसएसएआई ने कहा कि वितरण के दौरान अखबारों को अक्सर विभिन्न पर्यावरणीय परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, जिससे वे बैक्टीरिया, वायरस या अन्य रोगजनकों द्वारा संदूषित हो सकते हैं, जो भोजन में स्थानांतरित हो सकते हैं और संभावित रूप से खाद्य जनित बीमारियों का कारण बन सकते हैं।

एफएसएसएआई ने खाद्य संरक्षा और मानक (पैकेजिंग) विनियम, 2018 को अधिसूचित किया है जो भोजन के भंडारण और लपेटने के लिए समाचार पत्रों या इसी तरह की सामग्री के उपयोग पर सख्ती से प्रतिबंध लगाता है।

Advertisement
First Published - September 28, 2023 | 11:21 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement