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एफएमसीजी में सुधार, खपत को झटका

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Last Updated- December 12, 2022 | 7:22 AM IST

करीब 4.5 लाख करोड़ रुपये के कारोबार वाले भारतीय एफएमसीजी क्षेत्र ने लॉकडाउन के कारण पैदा हुई चुनौतियों से उबरते हुए पिछले साल अक्टूबर से दिसंबर की अवधि में सालाना आधार पर वृद्धि दर्ज की थी। एफएमसीजी में सुधार के बावजूद खपत के आंकड़ों में गिरावट बरकरार रही है।
एफएमसीजी बाजार ने दिसंबर तिमाही के दौरान 7.3 फीसदी की वृद्धि दर्ज की जबकि स्मार्टफोन बाजार में 21 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। एफएमसीजी बाजार में ब्रांडेड आटा, हैंड सैनिटाइजर, खाद्य तेल, शैंपू, रेजर आदि रोजमर्रा के इस्तेमाल की वस्तुएं शामिल हैं।
विनिर्माताओं का कहना है कि पिछले साल की त्योहारी खरीदारी के कारण कंज्यूमर ड््यूरेबल्स की बिक्री भी बढ़ी है और उसमें निचले दो अंकों में वृद्धि हुई है। हालांकि जीडीपी के नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि पिछली तिमाही के दौरान कुल निजी उपभोग व्यय में 2.4 फीसदी की गिरावट आई है। अप्रैल से जून 2020 की अवधि में यह आंकड़ा 26 फीसदी से घटकर जुलाई से सितंबर 2020 की अवधि में 11 फीसदी रह गई। इस प्रकार गिरावट की दर में भी उल्लेखनीय कमी आई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आवश्यक वस्तुओं की बिक्री में सुधार के बावजूद कई क्षेत्रों में निजी खपत की रफ्तार सुस्त बनी हुई है। उदाहरण के लिए, रियल एस्टेट को ही लेते हैं। बाजार अनुसंधान फर्म प्रॉपटाइगर ने कहा कि अक्टूबर से दिसंबर की अवधि में नए मकानों की आपूर्ति में 12 फीसदी की वृद्धि के बावजूद रिहायशी मकानों की बिक्री में सालाना आधार पर 27 फीसदी की कमी आई। नीति आयोग और बेन ऐंड कंपनी के आंकड़ों से पता चलता है कि भारत के 8.7 करोड़ रुपये के रियल एस्टेट बाजार का 85 फीसदी हिस्सा आवासीय श्रेणी का है। परिवहन, यात्रा एवं पर्यटन, अवकाश, फैशन एवं परिधान आदि उपभोक्ता केंद्रित क्षेत्र लगातार गंभीर रूप से प्रभावित है।
इक्रा की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि दिसंबर 2020 में घरेलू हवाई यातायात में सुधार हुआ लेकिन सालाना आधार पर उसमें 45 फीसदी की कमी दर्ज की गई। कुल मिलाकर तिमाही के दौरान उपभोक्ताओं ने कम खर्च किया क्योंकि पिछले साल दिसंबर में विमानन कंपनियों ने महज 67 फीसदी क्षमता के साथ भी अपने परिचालन का सुचारु किया था जबकि नवंबर में यह आंकड़ा 59 फीसदी रहा। भारत के 14 लाख करोड़ रुपये के कारोबार वाले यात्रा एवं पर्यटन क्षेत्र की स्थिति भी इससे बेहतर नहीं थी। देश के सकल घरेलू उत्पाद में इस क्षेत्र का योगदान करीब 7 फीसदी है। दिसंबर तिमाही के दौरान विदेशी पर्यटकों की आवक सुस्त रही और घरेलू यात्रियों ने अनावश्यक यात्रा से परहेज किया।
होटल, यात्रा एवं पर्यटन क्षेत्र के 10 राष्ट्रीय संगठनों की प्रतिनिधि संस्था द फेडरेशन ऑफ एसोसिएशंस इन इंडियन टूरिज्म ऐंड हॉस्पिटैलिटी के आकलन के अनुसार, साल 2020 के आखिरी हिस्सों में इस उद्योग में राजस्व का संकुचन 15 फीसदी से अधिक रहा। परिधान, ऐक्सेसरीज, जूते एवं अन्य गैर-जरूरी श्रेणियों की स्थिति भी कमजोर रही।
डेलॉयट इंडिया के पार्टनर रजत वाही के अनुसार, खुदरा आवक करीब 75 फीसदी रही जिससे कई विवेकाधीन श्रेणियां प्रभावित हुईं। उन्होंने कहा, ‘हालांकि ऑनलाइन बिक्री के जरिये उनमें कुछ सुधार हुआ लेकिन कुल मिलाकर उपभोक्ता वस्तु कारोबार कोविड-पूर्व स्तर से लगातार नीचे बरकरार है।’

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First Published - March 7, 2021 | 11:12 PM IST

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