सत्यम कंप्यूटर सर्विसेज के संस्थापक बी रामलिंगम राजू ने संपत्ति की तरह कर्मचारियों की संख्या के बारे में भी फर्जी दावे किए थे!
अगर सरकारी वकील की मानें, तो सत्यम में केवल 40,000 कर्मचारी काम कर रहे हैं, जबकि राजू ने 53,000 कर्मचारी होने का दावा किया था।
सरकारी वकीलों अजय कुमार और गंगाराजू प्रसाद ने बताया कि चार दिन की पुलिस हिरासत के दौरान राजू ने सीआईडी के सामने ये बातें स्वीकार की हैं।
वकीलों ने राजू की पुलिस हिरासत की अवधि दो दिन और बढ़ाने की अर्जी के साथ अदालत के सामने ये खुलासे किए। लेकिन अदालत ने हिरासत केवल एक दिन के लिए बढ़ाई।
सरकारी वकीलों ने कहा कि राजू 13,000 ‘फर्जी’ कर्मचारियों के वेतन के लिए हर महीने 20 करोड़ रुपये कंपनी से निकालते थे और यह सिलसिला 5 साल से चल रहा था।
हालांकि वे यह नहीं बता सके कि यह रकम कहां गई। इस बीच राजू के वकील ने इन बातों का खंडन किया।
एलऐंडटी की ना
एलऐंडटी ने आज साफ कर दिया कि सत्यम को खरीदने की उसकी र्कोई योजना नहीं है। कंपनी प्रवक्ता ने कहा कि मीडिया की इस बारे में तमाम रिपोर्ट गलत हैं और उनकी कंपनी सत्यम बोर्ड के सामने कोई योजना पेश नहीं कर रही है।
13,000 कर्मचारियों का पता नहीं
उनके नाम पर 5 साल तक हर महीने निकाले 20 करोड़ रुपये