देश की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ लिमिटेड ने दिल्ली में अपनी आईटी से जुड़ी विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) की परियोजना टाल दी है।
कंपनी ने वैश्विक मंदी के चलते यह कदम उठाया है। मंदी के कारण इस तरह की परियोजना की मांग में कमी आ गई है। कंपनी सूत्रों का कहना है कि अपनी आईटी सेज की परियोजना की बजाय अब कंपनी श्रीराम इंडस्ट्रीज लिमिटेड से तीन साल पहले खरीदी 25 एकड़ जमीन का इस्तेमाल कंपनी आवासीय परियोजना के लिए करेगी।
स्वतंत्र भारत मिल के पास इस प्लॉट पर आईटी सेज विकसित करने के लिए सरकार न सैध्दांतिक तौर पर मंजूरी दे दी है। सूत्रों का कहना है कि अब कंपनी सैध्दांतिक तौर पर मिली मंजूरी से औपचारिक वापसी के लिए आवेदन कर रही है।
पिछले वर्ष शहर में जमीन के सबसे महंगे सौदों में से एक डीएलएफ ने किया था। उस वक्त डीएलएफ ने प्रस्तावित आईटी सेज के नजदीक 37 एकड़ जमीन 1,675 करोड़ रुपये में खरीदी थी। इसके पीछे कंपनी का विचार आईटी केंद्र वाली एक एकीकृत टाउनशिप बसाने की थी।
कंपनी के सूत्रों का कहना है कि सभी दूसरी डीएलएफ सेज की परियोजनाएं पूरी रफ्तार पर चल रही हैं और इस खास जमीन पर अभी कोई निर्माण शुरू नहीं हुआ था, इस वजह से कंपनी इस खास जमीन के लिए उसे बतौर सेज मिली मंजूरी को खारिज करने के लिए आवेदन कर पाने में समर्थ है।
डीएलएफ सबसे बड़ी व्यावसायिक रियल एस्टेट कंपनी है, जिसके पास लगभग 3.80 करोड़ वर्गफुट जगह वाली परियोजनाएं हैं, जिन पर काम चल रहा है।