facebookmetapixel
Advertisement
अब नहीं बढ़ेंगे बिस्कुट-नमकीन के दाम? तेल सस्ता होते ही FMCG कंपनियों ने बदली रणनीतिमोटापा घटाने वाली दवाओं की मांग ने बढ़ाई टेंशन! फैक्ट्रियों पर बढ़ा दबाव, सप्लाई संकट अभी खत्म नहींTrump के दबाव में नहीं झुकेगा भारत! US Trade Deal पर अश्विनी का बड़ा दावाStocks To Watch Today: Adani Ports की रेटिंग अपग्रेड, HDFC Bank विवाद में नया मोड़; जानिए आज किन शेयरों पर रहेगी नजरभाजपा शासित राज्य भी कर रहे नई मनरेगा का विरोध: कांग्रेसमन की बात: पीएम मोदी ने गिनाईं आत्मनिर्भर भारत की उपलब्धियां, C-295 विमान और स्वदेशी क्रूज मिसाइल का किया उल्लेखभारत-सेशेल्स के बीच 19 समझौते, हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा साझेदारी को मिली मजबूतीITR Filing 2026: रिटर्न से पहले लेंगे सभी कागज जांच तो नहीं आएगी आयकर नोटिस की आंचEditorial: QCO नियमों में ढील पर्याप्त नहीं, गुणवत्ता ढांचे की व्यापक समीक्षा जरूरीMission SEHAT: पोषण सुरक्षा के लिए कृषि और स्वास्थ्य को जोड़ेगी नई पहल

डीएलएफ ने टाली आईटी सेज परियोजना

Advertisement
Last Updated- December 08, 2022 | 8:04 AM IST

देश की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ लिमिटेड ने दिल्ली में अपनी आईटी से जुड़ी विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) की परियोजना टाल दी है।
कंपनी ने वैश्विक मंदी के चलते यह कदम उठाया है। मंदी के कारण इस तरह की परियोजना की मांग में कमी आ गई है। कंपनी सूत्रों का कहना है कि अपनी आईटी सेज की परियोजना की बजाय अब कंपनी श्रीराम इंडस्ट्रीज लिमिटेड से तीन साल पहले खरीदी 25 एकड़ जमीन का इस्तेमाल कंपनी आवासीय परियोजना के लिए करेगी।
स्वतंत्र भारत मिल के पास इस प्लॉट पर आईटी सेज विकसित करने के लिए सरकार न सैध्दांतिक तौर पर मंजूरी दे दी है। सूत्रों का कहना है कि अब कंपनी सैध्दांतिक तौर पर मिली मंजूरी से औपचारिक वापसी के लिए आवेदन कर रही है। 
पिछले वर्ष शहर में जमीन के सबसे महंगे सौदों में से एक डीएलएफ ने किया था। उस वक्त डीएलएफ ने प्रस्तावित आईटी सेज के नजदीक 37 एकड़ जमीन 1,675 करोड़ रुपये में खरीदी थी। इसके पीछे कंपनी का विचार आईटी केंद्र वाली एक एकीकृत टाउनशिप बसाने की थी।
कंपनी के सूत्रों का कहना है कि सभी दूसरी डीएलएफ सेज की परियोजनाएं पूरी रफ्तार पर चल रही हैं और इस खास जमीन पर अभी कोई निर्माण शुरू नहीं हुआ था, इस वजह से कंपनी इस खास जमीन के लिए उसे बतौर सेज मिली मंजूरी को खारिज करने के लिए आवेदन कर पाने में समर्थ है।
डीएलएफ सबसे बड़ी व्यावसायिक रियल एस्टेट कंपनी है, जिसके पास लगभग 3.80 करोड़ वर्गफुट जगह वाली परियोजनाएं हैं, जिन पर काम चल रहा है।

Advertisement
First Published - December 9, 2008 | 5:49 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement