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बीपीसीएल में विनिवेश जल्द

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Last Updated- December 14, 2022 | 11:48 PM IST

सरकारी तेल विपणन कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (बीपीसीएल) के प्रबंधन ने आज कहा कि कंपनी के 2 फीसदी ट्रेजरी शेयर एक अलग ट्रस्ट को हस्तांतरित किए जाएंगे जबकि शेष 7.33 फीसदी की बिक्री एक बल्क सौदे के तहत की जा सकती है।
कंपनी के निदेशक (वित्त) एन विजयगोपाल ने कहा, ‘हमारे पास 9.33 फीसदी ट्रेजरी शेयर हैं। इसमें से 2 फीसदी ट्रेजरी शेयर एक ईएसपीएस (एम्प्लॉयी स्टॉक पर्चेज स्कीम) ट्रस्ट को हस्तांतरित किए जाएंगे। शेष 7.33 फीसदी ट्रेजरी शेयरों के लिए अंतिम निर्णय लेना अभी बाकी है। यह निर्णय आरएफपी (आशय पत्र) का हिस्सा होगा जो विनिवेश के लिए अभिरुचि पत्र (ईओआई) प्राप्त होने के 15 दिनों के बाद लिया जाएगा।’ फिलहाल अभिरुचि पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर है और इसलिए आरएफपी को 15 अक्टूबर तक तैयार होने की उम्मीद है।
कंपनी ने संकेत दिया है कि चूंकि कुल हिस्सेदारी 10 फीसदी से कम है, इसलिए ओएफएस (ऑफर फॉर सेल) संभव नहीं होगा। ऐसे में कोई ब्लॉक या बल्क सौदा होने की उम्मीद है। मौजूदा 83,451.15 करोड़ रुपये के बाजार पूंजीकरण पर बीपीसीएल की 7.33 फीसदी हिस्सेदारी का मूल्य करीब 6,117 करोड़ रुपये होने की उम्मीद है। बीपीसीएल ने यह भी उम्मीद जताई है कि कंपनी की विनिवेश प्रक्रिया चालू वित्त वर्ष में ही पूरी हो जाएगी। कंपनी में केंद्र सरकार की 52.98 फीसदी हिस्सेदारी है जिसका मूल्य मौजूदा बाजार मूल्यांकन पर करीब 44,212 करोड़ रुपये है।
कंपनी ने यह भी संकेत दिया है कि ओमान ने मध्य प्रदेश में भारत ओमान रिफाइनरीज (बीओआरएल) में शेष हिस्सेदारी बीपीसीएल को बेचने के लिए अपनी दिलचस्पी दिखाई है। बीओआरएल इसी साल 22 मार्च को बीपीसीएल की सहायक कंपनी बनी थी। इससे पहले वह बीपीसीएल और ओमान की बराबर हिस्सेदारी वाला संयुक्त उद्यम था। फिलहाल बीओआरएल में बीपीसीएल की 63.38 फीसदी हिस्सेदारी है जबकि शेष हिस्सेदारी ओक्यू के पास है जिसे पूर्व में ओमान ऑयल कंपनी (ओओसी) के नाम से जाना जाता था।
विजयगोपाल ने कहा, ‘हमने ओमान के साथ अभी-अभी बातचीत शुरू की है। दोनों पक्षों की इसमें दिलचस्पी दिख रही है। चूंकि यह एक चालू सौदा है इसलिए हम इसके लिए कोई समय-सीमा निर्धारित नहीं कर पाएंगे।’
नुमालीगढ़ रिफाइनरी में हिस्सेदारी की बिक्री के बारे में कंपनी ने कहा कहा कि ऑयल इंडिया और इंजीनियर्स इंडिया के एक कंसोर्टियम ने उसमें दिलचस्पी दिखाई है जबकि राज्य सरकार भी उसमें कुछ हिस्सेदारी लेना चाहती है। इसके लिए हमारे दरवाजे खुले हैं और बीपीसीएल में सरकारी हिस्सेदारी के विनिवेश से पहले इस संबंध में कोई सौदा होने की उम्मीद है।
कंपनी ने कहा कि पेट्रोल की बिक्री लगभग कोविड-पूर्व स्तर पर लौट चुकी है। दूसरी ओर डीजल की बिक्री पिछले साल के मुकाबले 8 से 9 फीसदी कम है। कंपनी के निदेशक (विपणन) अरुण कुमार सिंह ने कहा, ‘हम उम्मीद करते हैं कि अक्टूबर तक पेट्रोल सकारात्मक हो जाएगा और डीजल की बिक्री में गिरावट लगभग 3 फीसदी के दायरे में होगी।’

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First Published - September 28, 2020 | 11:26 PM IST

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