बाहरी व्यक्तियों को कार्यकारी निदेशक नियुक्त करने के मसले पर बाजार नियामक सेबी के कर्मचारियों के बीच असंतोष और चिंता उभरी है। 26 जून के पत्र में सेबी एम्पलॉयी एसोसिएशन ने चेयरमैन अजय त्यागी से कहा है, बाहरी उम्मीदवारों पर तभी विचार किया जाना चाहिए जब आंतरिक तौर पर कोई उपयुक्त उम्मीदवार उपलब्ध न हो।
शुक्रवार को सेबी ने तीन साल के लिए दो कार्यकारी निदेशकों की नियुक्ति अनुबंध या डेप्युटेशन के आधार पर करने के लिए आवेदन आमंत्रित किया है और इसके लिए 17 जुलाई तक आवेदन किया जा सकता है। अभी सेबी में कुल आठ कार्यकारी निदेशक हैं, जिनमें सुजित प्रसाद और आनंद बैवर का अनुबंध क्रमश: अक्टूबर व नवंबर में समाप्त हो रहा है। यहां कार्यकारी निदेशकों के कुल नौ पद हैं। यह पहला मौका नहीं है जब कर्मचारियों ने पद के लिए बाहरी उम्मीदवारों की नियुक्ति पर चिंता जताई है। साल 2017 में भी ऐसा ही मसला उठा था और उस नियम में बदलाव की मांग की गई थी जिसमेंं कहा गया था कि नियामक को कुल कार्यकारी निदेशक के आधे की नियुक्ति बाहरी उम्मीदवारों से करना है।
हालांकि कर्मचारियों की मांग को ध्यान में रखते हुए नियामक ने कार्यकारी निदेशकों की संख्या आठ से नौ कर दी थी। उनमें से छह आंतरिक कर्मी होंगे जबकि बाकी बाहरी उम्मीदवार से भरे जाएंगे। दिलचस्प रूप से जिनके अनुबंध समाप्त हो रहे हैं उन्हें छोड़कर अन्य छह कार्यकारी निदेशक सेबी के आंतरिक कर्मचारी हैं।