facebookmetapixel
Advertisement
ITR Filing 2026 नौकरी संग फ्रीलांसिंग से भी कमाई तो ITR कैसे फाइल करेंकोचीन शिपयार्ड OFS पर निवेशकों की टूट पड़ी भीड़, सरकार ने ‘ग्रीन शू ऑप्शन’ किया लागूExplainer: ब्राजील ने 50 साल में कैसे रची E100 एथेनॉल क्रांति, भारत के लिए क्या हैं बड़े सबक?Long-duration bonds: सरकारी गारंटी के साथ स्थिर रिटर्न… लॉन्ग ड्यूरेशन वाले G-Secs में निवेश कितना सही?दिल्ली में झमाझम बारिश, गर्मी से मिली राहत; IMD ने जारी किया ‘रेड अलर्ट’एक ही कंपनी, एक जैसी सैलरी फिर भी क्यों नहीं मिलता एक बराबर लोन? एक्सपर्ट्स से समझें इसके पीछे का गणितविदेश जाने का है प्लान? Visa Apply करने से पहले ITR को लेकर जान लें ये बड़ी बातयूपी में जरूरत का आधा मिल रहा है खाद, सरकार का दावा-कोई कमी नहींEquity Funds: टूटते बाजार में भी दिखा दम, FY26 में ₹3.47 लाख करोड़ का निवेश; फ्लेक्सी-कैप पहली पसंदचीन के पड़ोस में भारत बेच रहा स्वदेशी मिसाइलें, फिलीपींस, वियतनाम समेत कई देश बने ग्राहक

लक्ष्य से कम रहा प्रत्यक्ष कर संग्रह

Advertisement
Last Updated- December 10, 2022 | 11:16 PM IST

वित्त वर्ष 2008-09 के दौरान देश के प्रत्यक्ष कर संग्रह में 16,000 करोड़ रुपये की कमी हुई है।
कर अधिकारियों के मुताबिक, 31 मार्च 2009 तक देश भर में 3.29 लाख करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष कर संग्रह किया गया, जबकि संशोधित लक्ष्य 3.45 लाख करोड़ रुपये का था। संशोधन से पहले आयकर विभाग ने 3.65 लाख करोड़ रुपये की कर वसूली का लक्ष्य रखा था।
कुल प्रत्यक्ष कर संग्रह में अकेले 35-40 फीसदी का योगदान करने वाले मुंबई में हुई कम वसूली को इस गिरावट की मुख्य वजह बताई जा रही है। मालमू हो कि आर्थिक मंदी के चलते कॉरपोरेट कर संग्रह में कमी होने से 1.5 लाख करोड़ रुपये प्रत्यक्ष कर संग्रह का बजटीय लक्ष्य घटाकर 1.35 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया था।
लेकिन 31 मार्च 2009 तक के उपलब्ध आंकड़े बताते हैं कि मुंबई डिवीजन में संशोधित लक्ष्य से भी 20 हजार करोड़ रुपये कम यानी 1.15 लाख करोड़ रुपये की वसूली हुई। दूसरी और तीसरी तिमाही के दौरान कर का संग्रह अच्छा नहीं रहा। सूत्रों के मुताबिक, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को छोड़ दें तो दूसरे क्षेत्रों जैसे निर्माण, हॉस्पिटैलिटी आदि के योगदान में भारी गिरावट हुई।
आयकर विभाग ने हालांकि कर संग्रह बढ़ाने के लिए तमाम खोजबीन की लेकिन अधिकारियों की कोशिशों और उनकी पकड़ पर उसकी नजर नहीं गई।” विभाग की शिकायत है कि दो बड़े बैंकों भारतीय स्टेट बैंक और हांगकांग ऐंड शंघाई बैंक (एचएसबीसी) ने उसे कर संग्रह में सहयोग नहीं किया।

Advertisement
First Published - April 4, 2009 | 6:14 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement