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भारत-कनाडा के बीच सीधी उड़ानें बढ़ीं

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Last Updated- December 10, 2022 | 11:10 AM IST

इस सप्ताह की शुरुआत में भारत और कनाडा ने आपस में मुक्त आकाश समझौता करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय पिछले सात साल के के दौरान भारत और कनाडा के बीच सीधी उड़ानों की मांग में वृद्धि के मद्देनजर किया गया हैं। इस समझौते के तहत दोनों देशों के बीच असीमित उड़ानों की अनुमति होगी। वर्ष 2014 में भारत और कनाडा के बीच  सीधी उड़ानों की संख्या शून्य थी और वर्ष 2022 में उड़ानों की संख्या 48 हो चुकी है। 
विमानन क्षेत्र की विश्लेषक कंपनी सिरियम के अनुसार भारत और कनाडा के बीच सीधी उड़ानों का औसत किराया अप्रैल 2022 में 549 डॉलर था, जो अगस्त में बढ़कर 640 डॉलर हो गया है। रूस-यूक्रेन युद्ध और सीधी उड़ानों की अधिक मांग किराये की इस वृद्धि के मुख्य कारक रहे हैं।

कनाडा के परिवहन मंत्री के प्रवक्ता ने कहा कि हालिया डेटा के अनुसार लगभग 30 फीसदी हवाई यात्री भारत और कनाडा के बीच सीधी उड़ानों के जरिये यात्रा करते है। शेष 70 फीसदी यात्री खाड़ी देशों अथवा यूरोपीय देशों की ओर जाने वाली उड़ानों के जरिये यात्रा करते है। इन्हें बीच में रुककर आगे का सफर तय करना पड़ता है। प्रवक्ता ने कहा कि 2019 में 15 लाख से अधिक यात्रियों ने भारत और कनाडा के बीच उड़ानें भरीं, वहीं इस साल 2022 में इन दोनों देशों के बीच जनवरी और अगस्त के बीच 10 लाख से अधिक लोगों ने यात्राएं की हैं। 
मुक्त आकाश समझौते का विशेष लाभ एयर इंडिया को होगा, क्योकि कनाडा की विमान कंपनियों को रूसी हवाई क्षेत्र के प्रतिबंध के कारण चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। एयर इंडिया बड़े आकार के विमानों का ऑर्डर देकर अपने बेड़े का आकार बढ़ाने की योजना बना रही है। इन विमानों में लंबी दूरी की यात्रा तय करने के हिसाब से ईंधन टैंक की सुविधा होगी। जिससे इन विमानों के जरिये भारत और कनाडा जैसे लंबी दूरी तय की जा सके।मुक्त आकाश समझौते से पहले भारत और कनाडा के बीच केवल 35 उड़ानों की अनुमति थी। इस तरह दोनों तरफ से कुल 70 उड़ानों की अनुमति थी। 
इस नए समझौते के तहत भारतीय विमान वाहकों को कुछ नए शहरों में प्रवेश की अनुमति मिली है। जिनमें टोरंटो, मॉन्ट्रियल, एडमन्टन, वैंकोवर और अन्य दो शहर शामिल हैं। वहीं कनाडा के विमान वाहकों को बेंगलूरु, चेन्नई, नई दिल्ली, हैदराबाद, कोलकाता और मुंबई जैसे शहरों से उड़ान भरने की अनुमति मिली है। यात्रियों की मांग के बावजूद अमृतसर शहर को कनाडाई विमान वाहकों के लिए नहीं खोला गया है। 

प्रवक्ता ने कहा कि कनाडा के मंत्री उमर अलगहबरा अमृतसर से कनाडा के बीच सीधी उड़ान के महत्त्व के बारे में कहते हैं कि क्योकि बहुत सारे कनाडा के नागरिक अपने दोस्तों और परिवार से मिलने जाने के लिए ऐसी उड़ाने चाहते हैं। उन्होंने इस बारे में अपने भारतीय समकक्ष से बात भी की और आगे की बातचीत में भी इस मुद्दे को रखेंगे।
कनाडा में सबसे अधिक प्रवासी भारत से आते हैं। आंकड़ों के अनुसार 2016 से 2021 के बीच कनाडा गए कुल प्रवासियों में से 18.6 फीसदी भारतीय थे। 

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First Published - November 20, 2022 | 9:52 PM IST

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