माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और इंटेल के बाद अब आईबीएम और ह्यूलिट-पैकर्ड (एचपी) के कर्मचारियों पर भी मंदी की गाज गिरी है। आईबीएम ने पिछले हफ्ते हजारों कर्मचारियों की छंटनी कर दी है।
सबसे ज्यादा मार पड़ी है कंपनी के सेल्स, सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर डिवीजन में काम करने वाले कर्मियों पर। कंपनी ने इस अपनी लागत को कम करने की चल रही कवायद का हिस्सा बताया है। दूसरी तरफ, एचपी 24,600 कर्मचारियों की छुट्टी करने में जुटी हुई है।
आईबीएम ने अमेरिका में स्थित अपने कई दफ्तरों में से लोगों की छंटनी की है। वैसे, कंपनी ने अभी तक इस बारे में कोई आंकड़ा जारी नहीं किया है।
कंपनी का कहना है कि, ‘हमारे लिए यह बताना जरूरी नहीं है क्योंकि सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन के नियमों के मुताबिक कंपनियां के लिए सिर्फ ‘जरूरी’ जानकारियों को उजागर करना जरूरी है।
लोगों की छंटनी करना हमारे लिए नियमित काम है, लेकिन इसकी जगह बाद में लोगों को वापस रख लिया जाता है।’ वहीं, आईबीएम की सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्वी एचपी ने अपने खर्चों को कम करने के लिए कर्मचारियों को निकालना शुरू कर दिया है।
कंपनी अपने 3.20 लाख कर्मचारियों के कार्यबल में से आठ फीसदी की कटौती कर रही है।