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कर्मियों को टीके की तैयारी में कंपनियां

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Last Updated- December 12, 2022 | 7:26 AM IST

देश का कंपनी जगत अपने सभी कर्मचारियों के कोविड-19 टीकाकरण की तैयारी कर रहा है ताकि परिचालन को सामान्य और कुछ नेकनामी हासिल की जा सके। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) ने कर्मचारियों को भेजे पत्र में कहा कि वह अपने सभी कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों का नि:शुल्क टीकाकरण कराएगी। रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन और संस्थापक नीता अंबानी की तरफ से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि आरआईएल अपने कर्मचारियों, उनके पति-पत्नी, माता-पिता और बच्चों के टीकाकरण का खर्च उठाएगी। वह रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की गैर-कार्यकारी निदेशक भी हैं। समूह में करीब दो लाख कर्मचारी हैं। अंबानी ने कहा कि यह टीकाकरण उस वादे के मुताबिक है, जो उनके पति मुकेश अंबानी और उन्होंने 2020 में रिलायंस परिवार दिवस (23 दिसंबर, 2020) पर किया था। आरआईएल समूह की कई क्षेत्रों में मौजूदगी है, जिनमें दूरसंचार एवं कपड़े से लेकर खुदरा तेल बिक्री एवं रिफाइनिंग तक शामिल हैं।
कर्मचारियों के टीकाकरण के सवाल के जवाब में ऑल इंडिया पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन (एआईपीडीए) के अध्यक्ष अजय बंसल ने कहा, ‘हमने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय को पत्र लिखा है कि पेट्रोल पंप अटेंडेंट और अन्य कर्मचारियों को आवश्यक कर्मचारी घोषित किया जाए, जो कोविड-19 के टीके लगवाने के लिए पात्र हैं।’ उन्होंने कहा, ‘इन कर्मचारियों को कोविड-19 महामारी के प्रसार को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के दौरान आवश्यक कर्मचारी घोषित किया गया था और उन्होंने बखूबी अपना काम किया था। लेकिन अब उन्हें टीका लगवाने के लिए पात्र नहीं माना जा रहा है। सरकार को तेल विपणन कंपनियों या अन्य किसी व्यवस्था के जरिये पेट्रोल पंप कर्मचारियों के टीकाकरण का खर्च उठाना चाहिए।’ उनका आकलन है कि देश में करीब सात लाख पेट्रोल पंप कामगार हैं, जिन्हें कोविड-19 टीके लगाने की जरूरत है। अन्य कंपनियां भी अपने कर्मचारियों को टीके लगवाने के लिए कदम उठा रही हैं। विमानन क्षेत्र की दिग्गज कंपनी इंडिगो ने कहा कि वह अपने कर्मचारियों और उनके परिवार के टीकाकरण का खर्च उठा रही है। इसने कहा, ‘हम अपने सभी कर्मचारियों का इस तरह से कोविड-19 टीकाकरण कराने पर काम कर रहे हैं कि सभी कर्मचारियों को टीके भी लग जाएं और इस प्रक्रिया के दौरान हमारा परिचालन भी प्रभावित न हो। हमारे कर्मचारियों और उनके परिवारों के टीकाकरण का खर्च इंडिगो उठाएगी।’
परामर्श, तकनीकी सेवा और डिजिटल बदलाव क्षेत्र की दिग्गज कंपनी कैपजेमिनाई ने कहा कि उसने अपने सभी पात्र कर्मचारियों और उन पर आश्रित लोगों के कोविड-19 टीकाकरण का खर्च उठाने की योजना बनाई है। कंपनी में इस समय 1,25,000 कर्मचारी हैं, जो देश में 12 जगहों पर काम कर रहे हैं। कंपनी ने वेलनेस साझेदारों के साथ भी करार किया है, जो कंपनी के कर्मचारियों के टीके से संबंधित सवालों का जवाब देंगे। उदाहरण के लिए क्या करें या क्या न करें। अपग्रेड भी अपने कर्मचारियों और उनके परिवारों को मुफ्त कोविड-19 टीके की पेशकश कर रही है। इस उच्च शिक्षा तकनीक कंपनी ने घोषणा की है कि वह अपने सभी कर्मचारियों के टीकाकरण का पूरा खर्च उठाएगी। इसमें पूर्णकालिक, अनुबंधित तथा इंटर्न और उनके परिवार शामिल हैं।
अपग्रेड ने एक बयान में कहा, ‘यह टीकाकरण कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए स्वैच्छिक होगा, जो इसका लाभ प्रमुख शहरों में उठा सकते हैं। इस कार्यक्रम में पूर्व कर्मचारियों को भी शामिल किया जा रहा है, जो अपग्रेड से मदद ले सकते हैं। इस तरह वर्तमान कर्मचारियों और पूर्व कर्मचारियों, उनके पति-पत्नी, बच्चों और परिजनों समेत 10,000 से अधिक लोगों को इस टीकाकरण का फायदा मिल सकता है।’विप्रो कंज्यूमर केयर (डब्ल्यूसीसीएल) ने कहा कि वह भारत में अपने कर्मचारियों को टीकाकरण पर आने वाले खर्च का भुगतान करेगी। डब्ल्यूसीसीएल के मुख्य कार्याधिकारी ने कहा, ‘यह बेहतर है कि कर्मचारी खुद ही टीकाकरण कराएं क्योंकि यह आसान है और हम उन्हें खर्च का भुगतान कर देंगे।’ देश में कंपनी के 10,000 कर्मचारी हैं। एमवे इंडिया भी अपने सभी कर्मचारियों और उनके परिवारों को कोविड-19 के टीके लगवा रही है।
(साथ में त्वेष मिश्र, अनीश फडणीस और समरीन अहमद)

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First Published - March 5, 2021 | 11:00 PM IST

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