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कार्गो कंपनियां हवाई अड्डों पर करेंगी ग्राउंड हैंडलिंग

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Last Updated- December 07, 2022 | 9:03 PM IST

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ब्लू डार्ट और यूपीएस जैसी कार्गो कंपनियों को हवाईअड्डों पर ग्राउंड हैंडलिंग खुद करने की अनुमति दे सकती है।


जनवरी 2009 में लागू होने वाली नई ग्राउंड हैंडलिंग नीति के विरोध में देश की सबसे बड़ी कंपनी ब्लू डार्ट ने सरकार से इस नीति पर फिर से विचार करने के लिए कहा था। मंत्रालय को भेजे गए अपने आवेदन में कंपनी ने कहा था कि इस नई नीति में कार्गो कंपनियों की अतिरिक्त जरूरतों को नजरअंदाज किया गया है।

कंपनी ने कहा कि इससे कार्गो कंपनियों की लागत बढ़ेगी और काम की गुणवत्ता भी। कंपनी ने यह भी मांग की थी कि उसे अपने ग्राउंड हैंडलिंग काम किसी और कंपनी को आउटसोर्स करने के बजाय खुद करनेकी अनुमति दी जाए।

अमेरिका और यूरोप की कार्गो कंपनियों को उनके ग्राउंड हैंडलिंग काम खुद करने की इजाजत होती है। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘हमने इस नीति का विश्लेषण करने के लिए प्राइसवाटरहाउस कूपर्स जैसी सलाहकार कंपनी की मदद ली है। इस बारे में जल्द ही कोई फैसला कर लिया जाएगा।

जिन मामलों पर ध्यान दिया जा रहा है उनमें कार्गो कंपनियों को ग्राउंड हैंडलिंग खुद ही किए जाने की अनुमति देने की बात भी है। हम समझते हैं कि कंपनी जिन लोगों को ग्राउंड हैंडलिंग सेवा आउटसोर्स करे वे एक्सप्रेस कार्गो सेवा में माहिर नहीं हो।’

एक्प्रेस कार्गो एक तरह की विशेष कार्गो सेवा है जिसमें कंपनियां एक सीमित समय में उत्पादों की डिलिवरी करने का दावा करती हैं।  ऐसा नहीं होने की स्थिति में पैसे वापस करने का दावा करती हैं। इन कंपनियों से ग्रा हक समय समय पर अपने सामान की स्थिति के  बारे में भी पता कर सकते हैं।

ग्राउंड हैंडलिंग नीति के अनुसार जो लोग यात्री विमानों के सामान की हैंडलिंग करते हैं वहीं लोग एक्सप्रेस कार्गो के सामानों की भी हैंडलिंग करेंगे। ग्राउंड हैंडलिंग करने वाली कंपनी मेनेजिस बोबा और एयर इंडिया सेट्स हैदराबाद और बेंगलुरु हवाईअड्डों पर ग्राउंड हैंडलिंग का काम कर रही हैं।

कार्गो के कार्यकारी का कहना है कि इन दोनों ही जगहों पर सामान भेजने और रिसीव करने में देरी हुई है और किसी भी देरी से कंपनी को नुक सान होगा क्योंकि कंपनी को सामान की डिलिवरी देरी होने पर ग्राहकों को पैसे वापस करने पड़ते हैं।  कार्गो कंपनियों का कहना है कि ग्राउंड हैंडलिंग सेवाएं आउटसोर्स करने से उन पर अतिरिक्त भार पड़ेगा।

ब्लू डार्ट के प्रबंध निदेशक तुलसी मीरचंदानी ने कहा, ‘प्रस्तावित नीति से कंपनी की सेवाओं पर असर पड़ेगा। हम सरकार से इस पर फिर विचार करने की मांग कर रहे हैं। हम एक्सप्रेस एयरलाइन कंपनियों को इस नीति से बाहर रखने की मांग कर रहे हैं।’

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First Published - September 15, 2008 | 1:14 AM IST

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