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देसी उपकरण खरीद होगी अनिवार्य

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Last Updated- December 11, 2022 | 12:48 PM IST

निजी दूरसंचार कंपनियां अगर स्वैच्छिक तौर पर अपने कुछ उपकरणों को स्वदेशी विनिर्माताओं से नहीं खरीदती हैं तो दूरसंचार विभाग इसे अनिवार्य कर सकता है। विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को यह जानकारी दी।

अ​धिकारी ने कहा, ‘हम दूरसंचार कंपनियों के लिए स्वदेशी दूरसंचार उपकरण खरीदने पर जोर दे रहे हैं। यही वजह है कि हम देसी विनिर्माताओं को उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद बनाने के लिए कह रहे हैं। विनिर्माता इस पर काम कर रहे हैं और उन्होंने इस दिशा में उल्लेखनीय प्रगति भी की है। इसके बावजूद अगर दूरसंचार फर्में देसी उपकरण नहीं खरीदती हैं तो हम देसी विनिर्माताओं से एक निश्चित प्रतिशत में उपकरणों की खरीद को अनिवार्य कर सकते हैं।’
सरकार दूरसंचार उत्पादों के लिए डिजाइन आधारित प्रोत्साहन योजना के तहत घरेलू विनिर्माताओं को प्रोत्साहित कर रही है। इस योजना को उत्साहजनक प्रतिक्रिया भी मिली है और एमएसएमई सहित 27 घरेलू विनिर्माताओं ने इसके तहत आवेदन किए हैं। मेक इन इंडिया को बढ़ावा दिए जाने के बावजूद दो प्रमुख दूरसंचार कंपनियों ने 5जी शुरू करने के प्रारंभिक चरण में एरिक्सन, नोकिया और सैमसंग जैसी वैश्विक दूरसंचार उपकरण कंपनियों को आपूर्ति का ठेका दिया है।
जहां तक सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल की बात है तो सरकार ने 4जी और 5जी के लिए केवल घरेलू आपूर्तिकर्ताओं से ही उपकरण खरीदने का निर्णय किया है। यही वजह है कि इसके लिए सी-डॉट के कंसोर्टियम के साथ टीसीएस को ठेका दिया गया है।
स्वेदशी 5जी तकनीक और उपकरण विकसित करने की घोषणा करने वाली रिलायंस जियो भी कुछ उत्पादों का देश में विनिर्माण करने की संभावना तलाश रही है। रिलायंस जियो के एक अधिकारी ने कहा कि कंपनी कुछ सर्किलों में अपने उपकरणों का उपयोग करेगी लेकिन वैश्विक तकनीकी कंपनियों से भी उपकरण खरीद रही है।
सरकार द्वारा बीएसएनएल की सुरक्षा के लिए 5जी के लिए शुल्क दरों में इजाफा करने के दबाव के डर पर दूरसंचार विभाग के अधिकारी ने कहा, ‘हमने शुल्क तय करने का मामला दूरसंचार कंपनियों पर छोड़ दिया है। उनसे कहा गया है कि जब भी शुल्क तय किया जाता है या उसमें बदलाव होता है तो उसे सार्वजनिक करने से पहले हमें सूचित करना होगा।’ 
5जी की शुल्क दरों को कुछ समय तक 4जी के समान रखे जाने से बीएसएनएल या वोडाफोन आइडिया पर असर पड़ने की आशंका पर अधिकारी ने कहा कि कंपनियों के शेयरधारक निश्चित तौर पर उन पर दबाव बनाएंगे और पूछेंगे कि 5जी पर किए गए नए निवेश से उन्हें रिटर्न किस तरह से मिलेगा।
व्हाट्सऐप और टेलीग्राम जैसे ओटीटी संचार सेवाओं जिसे दूरसंचार विधेयक के मसौदे में दूरसंचार सेवाओं के तौर पर रखा गया है, के बारे में पूछे जाने पर उक्त अधिकारी ने कहा कि निश्चित तौर पर इनका विनियमन किया जाएगा।
विधेयक के मसौदे में ट्राई और टीडीसैट के अधिकारों को कम करने पर विवाद के बारे में अधिकारी ने कहा कि सरकार ने ट्राई अधिनियम 1997 में बदलाव लाने की योजना बनाई है ताकि नियामक को ज्यादा शक्तियां दी जा सके। 

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First Published - October 28, 2022 | 9:01 PM IST

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