facebookmetapixel
Advertisement
फर्जी कॉपीराइट दावों पर दिल्ली हाईकोर्ट ने मेटा से मांगा जवाबएयर इंडिया पायलट का मारिजुआना टेस्ट पॉजिटिव, पहली बार लाइसेंस रद्द नहीं होगात्योहारों से पहले रोजगार के मौके बढ़ेंगे, कंपनियां 15-20% ज्यादा अस्थायी कर्मचारी रखेंगीएआई से बदल रहा काम का तरीका, जीसीसी के 46% कर्मचारियों को नई स्किल्स की जरूरतकमोडिटी डेरिवेटिव में पोजीशन लिमिट और मार्जिन ढांचा आसान करेगा सेबीक्लोजिंग एक्शन सेशन में म्युचुअल फंड्स की कम भागीदारी, सेबी ने बुलाई बैठकभारत ने पहली बार रूस को भेजा पेट्रोल, 3.5 लाख बैरल की पहली खेप पहुंचीयूरिया और डीएपी की बिक्री घटी, जुलाई में उर्वरकों की उपलब्धता में हुई बड़ी बढ़ोतरीचंद्रशेखरन का टाटा संस छोड़ने का ऐलान, छह महीने के गतिरोध से निकला रास्ताUPI की लागत घटाने के लिए सरकार के सामने दो विकल्प, बड़े लेन-देन पर MDR की तैयारी

डेयरी क्षेत्र के संयुक्त उद्यम पर बियाणी का जोर

Advertisement
Last Updated- December 12, 2022 | 7:11 AM IST

वर्ष 2020 में मुश्किल वक्त से गुजरने के बाद फ्यूचर समूह अपना कारोबार आगे बढ़ाने की कोशिशों में जुट गया है। इसी रणनीति के तहत समूह दुग्ध उद्योग (डेयरी) क्षेत्र की कंपनी फोन्टेरा और अमेरिका की खाद्य कंपनी हेन सलेस्चल के साथ अपने संयुक्त उद्यमों में दोबारा जान फूंक रहा है। पिछले वर्ष किशोर बियाणी नियंत्रित इस समूह पर कर्ज का बोझ सारी हदें पार गया था और बेबस होकर उसे रिलायंस रिटेल के साथ 25,000 करोड़ रुपये में खुदरा कारोबार बेचने का सौदा करना पड़ा था। लेकिन फ्यूचर की पूर्व सहयोगी एमेजॉन ने इस सौदे को चुनौती दी है और मामला फिलहाल अधर में लटका हुआ है।
रिलायंस के साथ हुआ सौदा कानूनी पचड़े में अटकने के बाद बियाणी ने डेयरी और चिप्स कारोबार में अपनी उपस्थिति बढ़ाने की योजना तैयार की है। समूह के एक शीर्ष सूत्र ने इस बात की जानकारी दी। डेयरी कारोबार फोन्टेरा एवं फ्यूचर के बीच गठित संयुक्त उद्यम का हिस्सा है जबकि चिप्स कारोबार का ताल्लुक हेन सलेस्चल के साथ बने संयुक्त उद्यम से है।  
विनिर्माण, वितरण और सोर्सिंग कारोबार को रफ्तार देने के लिए फ्यूचर समूह इन उत्पादों को आधुनिक कारोबार, सामान्य कारोबार और ई-कॉमर्स का हिस्सा बनाएगा। रिलायंस के साथ सौदा पूरा होने और तय शर्तों के तहत दो चरणों में लेनदेन होने के बाद ये उत्पाद फ्चूयर एंटरप्राइजेज का हिस्सा बन जाएंगे। फ्चूयर समूह ने अपना खुदरा कारोबार बेचने के लिए पिछले साल अगस्त में रिलायंस के साथ सौदा किया था। फिलहाल एफएमसीजी के लिए गठित फॉन्टेरा फ्यूचर और हेन सलेस्चल के साथ संयुक्त उद्यम फ्यूचर कंज्यूमर का हिस्सा हैं। फैशन ब्रांड तैयार करने के लिए गठित संयुक्त उद्यम फ्यूचर समूह की कंपनियों से जुड़े हैं। रिलांयस द्वारा अधिग्रहण किए जाने से पहले फ्यूचर कंज्यूमर, फ्यूचर रिटेल, फ्यूचर लाइफस्टाइल फैशंस सहित अन्य कंपनियों का विलय फ्यूचर एंटरप्राइजेज में कर दिया जाएगा।
भारतीय कंपनी ऑसी ओट्स के साथ एक अन्य संयुक्त उद्यम ओट्स के कोश ब्रांड का उत्पादन करता है। इसकी बिक्री फ्चूयर ग्रुप के स्टोर में होती है। इन गतिविधियों की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने कहा कहा कि इसी संयुक्त उद्यम द्वारा तैयार ओटियो ब्रांड आने वाले महीनों में फ्यूचर समूह के स्टोरों में उपलब्ध हो सकता है।
संयुक्त उद्यमों में जान फूंकने की कवायद की योजना के पहले चरण के तहत फोन्टेरा फ्यूचर का उपक्रम घी, दही, फ्लेवर युक्त दूध और चीज सहित 8 से 20 श्रेणियों में नए उत्पाद उतारेगा। 2019 में फोन्टेरा फ्यूचर ने टेट्रापैक मिल्क, मिल्क शेक्स और यॉगर्ट बाजार में उतारे थे। नए उत्पाद दिल्ली, मुंबई, बेंगलूरु, पुणे और हैदराबाद में उतारे जाएंगे। हेन सलेस्चल के साथ गठित संयुक्त उद्यम टेरा चिप्स ब्रांड के नाम से 70 रुपये के पैक में चिप्स पेश करेगा। टेरा चिप्स के एक आयातित पैकेट की कीमत करीब 400 रुपये पड़ती है मगर कंपनी कीमत का महज छठा हिस्सा ही ग्राहकों से लेगी।

Advertisement
First Published - March 11, 2021 | 11:04 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement