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बिगबास्केट रकम जुटाने की कर रही तैयारी

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Last Updated- December 15, 2022 | 7:47 AM IST

ऑनलाइन ग्रोसरी फर्म बिगबास्केट कारोबार माहौल में बदलाव के मद्देनजर जुलाई में रकम जुटाने की अपनी योजना पर नए सिरे से विचार कर रही है। हाल में मुनाफा दर्ज करने वाली इस कंपनी को लॉकडाउन में छूट के बाद मांग में जबरदस्त तेजी दिख रही है। बेंगलूरु की इस कंपनी ने जनवरी में मॉर्गन स्टैनली और गोल्डमैन सैक्स को रकम जुटाने की प्रक्रिया में मदद करने के लिए नियुक्त किया था। कंपनी ने जून-जुलाई तक 15 करोड़ डॉलर जुटाने की योजना बनाई थी।
बिगबास्केट के सह-संस्थपक एवं मुख्य कार्याधिकारी हरि मेनन ने बिजनेस स्टैंडर्ड से कहा कि इन बैंकरों ने संभावित निवेशकों के साथ बातचीत शुरू की थी लेकिन कंपनी असमंजस में पड़ गई कि क्या उसे वास्तव में बड़ी रकम जुटाने की जरूरत है अथवा नहीं।
मेनन ने कहा, ‘हमने कोविड-19 वैश्विक महामारी के प्रकोप से काफी पहले जनवरी में रकम जुटाने की योजना बनाई थी। उसी आधार पर अप्रैल में हमने 6 करोड़ डॉलर जुटाए और इस दौरान काफी हद तक अलीबाबा के नेतृत्व में निवेशकों से रकम जुटाई गई। इसके बाद जून-जुलाई में बड़े दौर के तहत रकम जुटाने की योजना थी। हालांकि, अब हम सभी चीजों पर गौर कर रहे हैं क्योंकि हम मार्जिन योगदान स्तर पर रकम जुटा रहे हैं और कारोबार भी पहले के मुकाबले कहीं अधिक तेजी से विकास कर रहा है।’ उन्होंने कहा, ‘फिलहाल हम यह देखने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या हमें रकम जुटाने के लिए आगे बढऩा चाहिए और हमें कितनी रकम जुटानी चाहिए।’
यह ऑनलाइन ग्रोसरी प्लेटफॉर्म पहले से ही मार्जिन योगदान स्तर पर सकारात्मक हो चुका है। इसका मतलब साफ है कि कर्मचारियों के वेतन को छोड़कर ऑफिस किराया, ग्राहक सहायता, विज्ञापन आदि सभी तरह के खर्च को आंतरिक नकदी के जरिये पूरा किया जाता है।
मेनन ने कहा, ‘जब हम सकारात्मक मार्जिन योगदान की बात करते हैं तो उसका मतलब साफ है कि हम अपने परिचालन वाले 26 क्षेत्रों में सभी तरह की निर्धारित एवं परिवर्तनीय लागत को पूरा करने में समर्थ हैं। इसमें बिक्री संबंधी खर्च, गोदाम एवं दूर-दराज के खर्च और वाउचर, छूट आदि मार्केटिंग लाइन से नीचे के खर्च शामिल हैं।’ लॉकडाउन अवधि की शुरुआती व्यवधान के बाद बिकबास्केट के कारोबार में अब अभूतपूर्व वृद्धि दिख रही है।
मेनन के अनुसार, मई में कंपनी ने 650 करोड़ रुपये की कुल बिक्री दर्ज की जो पिछले महीने के मुकाबले 20 फीसदी अधिक है। जबकि महीना दर महीना आधार पर मार्च और अप्रैल में कंपनी की बिक्री में 35 फीसदी (प्रत्येक) की वृद्धि दर्ज की गई। उन्होंने कहा, ‘महीना दर महीना आधार पर 20 फीसदी की वृद्धि अच्छी है। यदि आगामी महीनों के दौरान हम इसकी आधी वृद्धि भी बरकरार रखें तो हम 1 अरब डॉलर की बिक्री (जीएमवी) के स्तर को पार कर जाएंगे।’ यह ग्रोसरी फर्म रोजाना 3,50,000 ऑर्डर की डिलिवरी करती है जबकि कोविड से पहले के दौर में यह आंकड़ा करीब 2,20,000 डिलिवरी का है।

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First Published - June 30, 2020 | 12:48 AM IST

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