facebookmetapixel
Advertisement
Nifty 50 की हर कंपनी में बराबर निवेश का मौका, Axis MF के नए फंड में ₹100 से शुरुआतCoca-Cola की भारतीय कंपनी ला सकती है IPO, ₹9,500 करोड़ जुटाने की तैयारी: रिपोर्टNestle India के निवेशकों को स्पेशल तोहफा, ₹2 प्रति शेयर मिलेगा स्पेशल डिविडेंड; जानिए रिकॉर्ड डेटसिर्फ 2 साल में 300 गुना बढ़ी इस हेल्थ इंश्योरेंस की डिमांड, आखिर लोग क्या समझ गए?भारतीय रियल एस्टेट पर निवेशकों का दाव, H1 में निवेश 6 साल के हाई परAMC, Insurance या Broking, Q1 में किस सेक्टर में होगी सबसे ज्यादा कमाई? ब्रोकरेज ने बताए टॉप पिक्सIndia Services PMI: जून में 17 महीने के निचले स्तर पर पहुंची सर्विस सेक्टर की रफ्तार, घरेलू मांग में नरमी का असरAdani QIP पर टूट पड़े निवेशक! 3.8 गुना मांग के बाद बढ़कर ₹15,000 करोड़ हुआ इश्यू साइजIC Electricals IPO: आज से खुला आईपीओ, GMP ने मचाई हलचल! पहले दिन ही 40% तक लिस्टिंग गेन की उम्मीदStaffing Stocks: हायरिंग में सुधार से चमक सकते हैं ये 2 शेयर, ब्रोकरेज ने दिए 28% तक के टारगेट

एयरलाइंस की खता, एजेंटों को सजा

Advertisement
Last Updated- December 10, 2022 | 12:47 AM IST

विमानन कंपनियों ने बेशक कंपनी को घाटा होने का वास्ता देकर किरायों को बढ़ा लिया है, लेकिन टिकट बुक करने वाली एजेंसियों और ट्रैवल पोर्टलों को इससे करारा झटका लगा है।
ज्यादातर विमानन कंपनियों ने किरायों में ईंधन अधिभार को लगभग 1,300 रुपये से बढ़ाकर 2,700 रुपये कर दिया है। शनिवार से किराये बढ़ चुके हैं और उसके सिर्फ तीन दिन बाद हवाई टिकटों की बुकिंग करने वालों ने कारोबार में 15 से 20 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की है।
वेब पोर्टल मेकमाईट्रिप डॉट कॉम के एरिया वाइस-प्रेसिडेंट (एयरलाइंस अलायंस) संजीव भसीन का कहना है, ‘आज लगभग तीन दिन बाद घरेलू एयरलाइंस की हमारी बुकिंग में 20 से 25 प्रतिशत की कमी आ चुकी है। किराये अचानक बढ़ाकर विमानन कंपनियों ने घरेलू उद्योग में कारोबार को काफी कम कर दिया है।’
ईजीगो1 डॉट कॉम की मुख्य परिचालन अधिकारी नीलू सिंह का मानना है, ‘किरायों के बढ़ने से निश्चित तौर पर पोर्टल का कारोबार 10 प्रतिशत घटेगा।’ वह मानती हैं कि जब  यात्रियों की संख्या में तेज गिरावट होगी तो एक बार फिर किरायों में कटौती देखने को मिलेगी। कंपनी के कुल कारोबार में घरेलू हवाई टिकटों की बुकिंग का योगदान लगभग 20 प्रतिशत है।
स्टिक टुअर्स के चेयरमैन सुभाष गोयल का कहना है, ‘कंपनियों को किराया नहीं बढ़ाना चाहिए, इससे कारोबार कम हो जाएगा। हमारे कारोबार में इससे 10 से 20 फीसदी कमी आ सकती है।’ कॉक्स ऐंड किंग्स इंडिया लिमिटेड के प्रवक्ता के मुताबिक किराया बढ़ने से कॉर्पोरेट यात्रियों की संख्या घटेगी।
यह फैसला विमानन कंपनियों पर भी भारी पड़ रहा है।?गो एयर में एयरपोर्ट डयूटी पर तैनात एक अधिकारी ने नाम छुपाने की शर्त पर बताया, ‘गो एयर 174 सीटों वाला विमान है, फरवरी में किराये बढ़ने पर यात्रियों की संख्या औसतन 100 रह गई है, जबकि कम किराये के दौरान पूरी सीटें भरी होती थीं।’
उनके मुताबिक एजेंटों का कमीशन बढ़ाकर  कंपनियां इस फैसले को सही साबित करने की कोशिश कर रही हैं। दिल्ली की काफिला टूर ऐंड ट्रैवल के मुख्य कार्याधिकारी अमित चङ्ढा का कहना है, ‘मुझे उम्मीद है कि एक कंपनियां अक्टूबर और नवंबर महीने में यात्रियों की संख्या में इजाफा करने के लिए जून और जुलाई में फिर किराये कम करेंगी।’
सरकार ने दी चेतावनी
केंद्रीय नागरिक विमानन मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने विमानन कंपनियों से कहा कि सरकार गोलबंदी के खिलाफ है।?अगर विमानन कंपनियों ने गोलबंदी के तहत किराये बढ़ाए हैं, तो यह गलत है।

Advertisement
First Published - February 12, 2009 | 12:12 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement