विमानन कंपनियों ने बेशक कंपनी को घाटा होने का वास्ता देकर किरायों को बढ़ा लिया है, लेकिन टिकट बुक करने वाली एजेंसियों और ट्रैवल पोर्टलों को इससे करारा झटका लगा है।
ज्यादातर विमानन कंपनियों ने किरायों में ईंधन अधिभार को लगभग 1,300 रुपये से बढ़ाकर 2,700 रुपये कर दिया है। शनिवार से किराये बढ़ चुके हैं और उसके सिर्फ तीन दिन बाद हवाई टिकटों की बुकिंग करने वालों ने कारोबार में 15 से 20 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की है।
वेब पोर्टल मेकमाईट्रिप डॉट कॉम के एरिया वाइस-प्रेसिडेंट (एयरलाइंस अलायंस) संजीव भसीन का कहना है, ‘आज लगभग तीन दिन बाद घरेलू एयरलाइंस की हमारी बुकिंग में 20 से 25 प्रतिशत की कमी आ चुकी है। किराये अचानक बढ़ाकर विमानन कंपनियों ने घरेलू उद्योग में कारोबार को काफी कम कर दिया है।’
ईजीगो1 डॉट कॉम की मुख्य परिचालन अधिकारी नीलू सिंह का मानना है, ‘किरायों के बढ़ने से निश्चित तौर पर पोर्टल का कारोबार 10 प्रतिशत घटेगा।’ वह मानती हैं कि जब यात्रियों की संख्या में तेज गिरावट होगी तो एक बार फिर किरायों में कटौती देखने को मिलेगी। कंपनी के कुल कारोबार में घरेलू हवाई टिकटों की बुकिंग का योगदान लगभग 20 प्रतिशत है।
स्टिक टुअर्स के चेयरमैन सुभाष गोयल का कहना है, ‘कंपनियों को किराया नहीं बढ़ाना चाहिए, इससे कारोबार कम हो जाएगा। हमारे कारोबार में इससे 10 से 20 फीसदी कमी आ सकती है।’ कॉक्स ऐंड किंग्स इंडिया लिमिटेड के प्रवक्ता के मुताबिक किराया बढ़ने से कॉर्पोरेट यात्रियों की संख्या घटेगी।
यह फैसला विमानन कंपनियों पर भी भारी पड़ रहा है।?गो एयर में एयरपोर्ट डयूटी पर तैनात एक अधिकारी ने नाम छुपाने की शर्त पर बताया, ‘गो एयर 174 सीटों वाला विमान है, फरवरी में किराये बढ़ने पर यात्रियों की संख्या औसतन 100 रह गई है, जबकि कम किराये के दौरान पूरी सीटें भरी होती थीं।’
उनके मुताबिक एजेंटों का कमीशन बढ़ाकर कंपनियां इस फैसले को सही साबित करने की कोशिश कर रही हैं। दिल्ली की काफिला टूर ऐंड ट्रैवल के मुख्य कार्याधिकारी अमित चङ्ढा का कहना है, ‘मुझे उम्मीद है कि एक कंपनियां अक्टूबर और नवंबर महीने में यात्रियों की संख्या में इजाफा करने के लिए जून और जुलाई में फिर किराये कम करेंगी।’
सरकार ने दी चेतावनी
केंद्रीय नागरिक विमानन मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने विमानन कंपनियों से कहा कि सरकार गोलबंदी के खिलाफ है।?अगर विमानन कंपनियों ने गोलबंदी के तहत किराये बढ़ाए हैं, तो यह गलत है।