कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड (सीपीपीआईबी) ने बेंगलूरु की ऑफिस प्रॉपर्टी डेवलपर्स संग समान हिस्सेदारी वाले संयुक्त उद्यम पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत चेन्नई और हैदराबाद में परिसंपत्तियां विकसित की जाएंगी।
आरएमजेड के कॉरपोरेट चेयरमैन मनोज मेंडा ने कहा, इस उद्यम में सीपीपीआईबी 2,500 करोड़ रुपये लगाएगा जबकि आरएमजेड इसके लिए जमीन देगी। संयुक्त उद्यम कुल मिलाकर 1.2 करोड़ वर्गफुट जगह विकसित करेगा।
उन्होंने कहा, कुल विकसित परिसंपत्तियों की वैल्यू करीब 1 अरब डॉलर होगी। पिछले साल आरएमजेड ने कनाडा की निवेशक ब्रुकफील्ड को अपने पोर्टफोलियो का 1.2 करोड़ वर्गफुट 2 अरब डॉलर में बेचा था। यह उसके पोर्टफोलियो का 18 फीसदी था। आरएमजेड ने ब्रुकफील्ड को को-वर्किंग फर्म कोवाक्र्स भी बेचा है।
सीपीपीआईबी ने इससे पहले आय प्रतिफल वाली परिसंपत्तियों में निवेश के लिए शापूरजी पलोनजी समूह के साथ गठजोड़ किया था। उसने वह परिसंपत्ति चेन्नई में मैपलट्री इन्वेस्टमेंट को बेच दिया। उसने डेवलपर्स को कर्ज देने के लिए पीरामल संग एक उद्यम शुरू किया था और मॉल में निवेश के लिए फीनिक्स मॉल्स संग संयुक्त उद्यम शुरू किया।
सीपीपीआईबी के पास 475.7 अरब डॉलर का फंड है और वह दुनिया की सबसे बड़ी फंड मैनेजर है।
मेंडा ने कहा, आरएमजेड कार्यालय परिसंपत्तियों में साझेदारी के लिए अन्य वैश्विक निवेशक तलाश रही है और मित्सुई फ्यूडसन, सीपीपीआईबी और नए साझेदार के साथ मिलकर वह देश में 5.5 करोड़ वर्गफुट और विकसित करना चाह रही है।
उन्होंने कहा, 5.5 करोड़ वर्गफुट में से 1 करोड़ वर्गफुट की बिक्री हम कर्ज के भुगतान के लिए करेंगे और बाकी पोर्टफोलियो में से 3 करोड़ वर्गफुट फैमिली ऑफिस में शिफ्ट कर दिया जाएगा।
मित्सुई फ्यूडसन 18 महीने पहले निवेशक के तौर पर आई और आरएमजेड की कुछ परियोजनाओं में 50 फीसदी साझेदार बनी। उन्होंने कहा, हर साझेदार 2,500 करोड़ रुपये लाएगा। साथ ही हर परियोजना में एक तिहाई निर्माण से जुड़ा कर्ज होगा और एक तिहाई सीपीपीआईबी/मित्सुई लगाएगा जबकि बाकी आरएमजेड निवेश करेगी।
उन्होंंने कहा, आरएमजेड अपने कोष, सीपीपीआीबी और नए साझेदार के कोष से नई परिसंपत्ति विकसित करने के लिए हैदराबाद में 5 अरब डॉलर निवेश पर विचार कर रही है।
मेंडा ने कहा, ब्रुकफील्ड संग सौदे के बाद आरएमजेड ने आय प्रतिफल वाली 1 करोड़ वर्गफुट परिसंपत्तियां मेंडा फैमिली ऑफिस में हस्तांतरित की, जिसकी परिचालन आय 1,000 करोड़ रुपये सालाना है। उसकी योजना अगले तीन साल में इसे बढ़ाकर 3,000 करोड़ रुपये करने की है।
उन्होंने कहा, चूंकि हम कार्यालय परिसंपत्तियां पूरी कर रहे हैं, लिहाजा हम उनमें फैमिली ऑफिस शिफ्ट कर देंगे।
हम परिचालन आय को 1,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 3,000 करोड़ रुपये पर ले जाएंगे।
उन्होंने कहा कि फैमिली ऑफिस गैर-रियल एस्टेट क्षेत्र मसलन प्राइवेट इक्विटी, इंडस्ट्रियल पाक्र्स आदि में 1,000 करोड़ रुपये निवेश करेगा। हम होटलों की भी खरीद कर सकते हैं ताकि रियल एस्टेट के बाहर हम विशाखन कर सकें।