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‘स्टार्टअप सूचीबद्धता के लिए 2021 अहम वर्ष होगा’

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Last Updated- December 12, 2022 | 6:17 AM IST

बीएस बातचीत
जेएम फाइनैंशियल के प्रबंध निदेशक एवं सह-मुख्य कार्याधिकारी (निवेश बैंकिंग) अतुल मेहरा का कहना है कि भारत में तमाम नई कंपनियां सूचीबद्ध होने की तैयारी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि देश में स्टार्टअप सूचीबद्धता के लिहाज से 2021 एक महत्त्वपूर्ण वर्ष होगा। मेहरा ने ऐश्ली कुटिन्हो से बातचीत में कहा कि कई कंपनियां घरेलू बाजार में सूचीबद्ध होना पसंद करेंगी क्योंकि इससे कहीं अधिक दृश्यता आएगी। पेश हैं मुख्य अंश:
इस साल कई कंपनियों ने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के साथ पूंजी बाजार में दस्तक दी है। ऐसा क्यों?
आईपीओ बाजार मुख्य तौर पर दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों के उदार रुख एवं प्रोत्साहन उपायों के कारण अत्यधिक नकदी प्रवाह से प्रेरित है। निवेशकों को भी भारत में तेज एवं उम्मीद से कहीं अधिक मजबूत आर्थिक सुधार, दमदार आय वृद्धि और ब्याज दरों में नरमी में भरोसा है। अधिकतर आईपीओ अपने संबंधित आईपीओ पेशकश मूल्य के मुकाबले उल्लेखनीय बढ़त के साथ सूचीबद्ध हुए और कई कंपनियों ने रकम जुटाने की अपनी योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया है। घरेलू और विदेशी निवेशक उन कंपनियों में वापसी करने के लिए उत्सुक हैं जो अच्छे परिणाम देने में सफल रही हैं।

नए निर्गम की खरीदारी करने वाले खुदरा निवेशकों की औसत संख्या वैश्विक महामारी के बाद लगभग तिगुनी हो गई है। ऐसा क्यों और इन निवेशकों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
प्राथमिक बाजार एक अंतराल के साथ द्वितीयक बाजारों का अनुकरण करते हैं। हमने देखा है कि द्वितीयक बाजारों में करीब 26 लाख करोड़ दैनिक खरीद-फरोख्त के साथ जबरदस्त रिटर्न मिल रहा है। डीमैट खातों की संख्या 5 करोड़ के पार पहुंच चुकी है। जबरदस्त सूचबीद्धता ने खुदरा निवेशकों की भागीदारी को प्रोत्साहित किया है। एक परिसंपत्ति वर्ग के तौर पर घरेलू बचत का इक्विटी में निवेश महज 4 फीसदी है। इसके अलावा बचत के वित्तीयकरण में वृद्धि से भी आगे चलकर खुदरा निवेशकों की भागीदारी बढ़ेगी। इन निवेशकों को कंपनियों की गुणवत्ता और मूल्यांकन के प्रति सतर्क रहना चाहिए।

क्या स्टार्टअप के लिए भारत में सूचीबद्ध होने के बजाय विदेश में सूचीबद्ध होना अधिक उपयुक्त है?
ऐसे स्टार्टअप जो अपनी अधिकांश कारोबारी आय भारत में सृजित करते हैं वे भारत में सूचीबद्ध होना पसंद करते हैं जैसे उपभोक्ता प्रौद्योगिकी कंपनियां। आईपीओ से उनकी दृश्यता बढ़ती है और कारोबारी मॉडल पर उसका रगड़ वाला प्रभाव पड़ता है। हाल में पूरे होने वाले ईजमाईट्रिप और नजारा टेक के आईपीओ ने नई कंपनियों के निर्गम के प्रति निवेशकों की दिलचस्पी को दर्शाते हैं। इन दोनों आईपीओ को 150 से अधिक गुना अभिदान मिला था। भारत में सूचीबद्ध होने की तैयारी करने वाले कुछ स्टार्टअप बाजार पूंजीकरण के लिहाज से अपने क्षेत्र की बड़ी सूचीबद्ध कंपनियां बनेंगी। इससे पूंजी बाजार के निवेशकों के बीच उनकी दृश्यता कहीं अधिक बढ़ेगी। इसके विपरीत अमेरिका में सूचीबद्ध होने से उन्हें इस प्रकार का आकर्षण नहीं मिलेगा क्योंकि उन्हें उन बाजारों में सूचीबद्ध छोटे आकार की कंपनियों के तौर पर वर्गीकृत किया जाएगा। भारत में स्टार्टअप सूचीबद्धता के लिहाज से 2021 एक महत्त्वपूर्ण वर्ष साबित होने जा रहा है क्योंकि इस दौरान नायिका, पॉलिसीबाजार, जोमैटो, कारट्रेड, डेल्हीवरी और फार्मईजी जैसी दमदार ट्रैक रिकॉर्ड वाली कई बड़ी कंपनियां भारतीय बाजार में आईपीओ लाने की तैयारी में हैं।

साल 2021 में क्यूआईपी के लिए क्या परिदृश्य रहेगा? क्या रकम जुटाने के लिए तमाम बैंक आगे बढ़ेंगे?
वैश्विक महामारी के बाद की अवधि में हमने विशेष तौर पर बैंकिंग क्षेत्र की कई कंपनियों को क्यूआईपी के जरिये रकम जुटाते देखा है। 25 से अधिक जारीकर्ताओं ने क्यूआईपी के जरिये 70,000 करोड़ रुपये से अधिक की रकम जुटाई है। इनमें आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और ऐक्सिस बैंक जैसे निजी क्षेत्र के बड़े बैंक शामिल हैं। बैंक ऑफ बड़ौदा, कैनरा बैंक और पंजाब नैशनल बैंक जैसे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने भी अनिश्चितता के दौर मेंअपने नकद भंडार को बढ़ावा देने के लिए क्यूआईपी के जरिये रकम जुटाई है। क्यूआईपी रकम जुटाने के  लिए सबसे उपयुक्त मार्ग बरकरार रहेगा। हम उम्मीद करते हैं कि अधिक कंपनियां और बैंक रकम जुटाने के लिए इक्विटी पूंजी बाजारों में उतरेंगे।

विलय-अधिग्रहण के लिए आकर्षक गंतव्य के तौर पर कौन-कौन से क्षेत्र उभरेंगे?
कैलेंडर वर्ष 2020 करीब 82 अरब डॉलर की विलय-अधिग्रहण गतिविधियों के साथ कोविड-19 संबंधी व्यवधानों के बावजूद सौदों के मूल्य के लिहाज से 2013 के बाद दूसरा सबसे बड़ा वर्ष रहा। कुल सौदा मूल्य में दूरसंचार, ऊर्जा, खुदरा और इंटरनेट का योगदान करीब 60 फीसदी रहा।

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First Published - April 5, 2021 | 12:11 AM IST

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