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क्या दीवाली तक सोना छुएगा 5200 डॉलर? एक्सपर्ट की बड़ी भविष्यवाणी

वैश्विक अनिश्चितता के बीच सोने की कीमतों में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, और अब विशेषज्ञ बड़ी तेजी की संभावना जता रहे हैं

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- April 15, 2026 | 4:13 PM IST

दुनिया के कमोडिटी बाजार में इस समय जबरदस्त हलचल है। एक तरफ सोना और चांदी चमक दिखा रहे हैं, तो दूसरी तरफ तेल बाजार गिरावट और अनिश्चितता के बीच झूल रहा है। कभी कीमतों में तेज उछाल आता है, तो कभी अचानक गिरावट बाजार को चौंका देती है। निवेशक इस समय पूरी तरह सतर्क हैं और हर छोटी खबर पर नजर टिकाए हुए हैं।

सोना-चांदी में दिनभर रहा उतार-चढ़ाव

आज के कारोबार में सोना और चांदी ने शुरुआत में शानदार तेजी दिखाई। सोना एक महीने के हाई तक पहुंच गया और चांदी भी मजबूत उछाल के साथ ऊपर गई। लेकिन दिन आगे बढ़ने के साथ ही बाजार का रुख बदल गया और दोनों धातुएं अपने ऊपरी स्तर से नीचे आ गईं।

कोटक सिक्योरिटीज की AVP कमोडिटी रिसर्च कायनात चैनवाला के मुताबिक, इस उतार-चढ़ाव के पीछे सबसे बड़ी वजह डॉलर की चाल रही। शुरुआती कमजोरी के बाद डॉलर में थोड़ी मजबूती आई, जिसने सोने और चांदी की कीमतों को नीचे खींच लिया।

डॉलर की कमजोरी से मिली थी तेजी

कायनात चैनवाला बताती हैं कि हाल के दिनों में डॉलर दबाव में रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत की उम्मीद ने डॉलर की सुरक्षित निवेश वाली छवि को कमजोर किया है। साथ ही अमेरिका के महंगाई से जुड़े आंकड़े भी उम्मीद से नरम रहे, जिससे डॉलर और फिसला। यही वजह रही कि सोने-चांदी में शुरुआती तेजी देखने को मिली।

विशेषज्ञों का मानना है कि अब बाजार पूरी तरह खबरों के सहारे चल रहा है। अगर अमेरिका और ईरान के बीच समझौता होता है, तो डॉलर मजबूत हो सकता है और सोने की चमक कम पड़ सकती है। लेकिन अगर तनाव बढ़ता है, तो महंगाई का दबाव बढ़ेगा और सोना-चांदी फिर से तेजी पकड़ सकते हैं।

तेल बाजार में भी उथल-पुथल

तेल बाजार भी इस समय कम नहीं है। भारी गिरावट के बाद अब कीमतें 90 डॉलर के आसपास टिकने की कोशिश कर रही हैं। बाजार में एक तरफ शांति की उम्मीद है, तो दूसरी तरफ मांग घटने का डर मंडरा रहा है। कायनात चैनवाला के अनुसार, इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी ने 2026 में वैश्विक तेल मांग घटने का अनुमान जताया है। अगर ऐसा होता है, तो यह 2020 के बाद पहली बार होगा। यही डर तेल की कीमतों पर दबाव बना रहा है।

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इसके साथ ही होरमुज जलडमरूमध्य पर जारी तनाव बाजार के लिए सबसे बड़ा खतरा बना हुआ है। यह दुनिया का अहम तेल मार्ग है और यहां किसी भी तरह की रुकावट कीमतों को अचानक ऊपर ले जा सकती है।

अनुज गुप्ता की राय: दीवाली तक सोना-चांदी में बड़ी तेजी संभव

SEBI रजिस्टर्ड रिसर्च एनालिस्ट अनुज गुप्ता का मानना है कि वैश्विक कमोडिटी बाजार इस समय युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव की वजह से बेहद अनिश्चित बना हुआ है। उनके मुताबिक, बाजार अब अपने मूलभूत कारकों के बजाय अमेरिका और ईरान जैसे देशों के बयानों और घटनाओं पर ज्यादा प्रतिक्रिया दे रहा है।

अनुज गुप्ता के अनुसार, लंबे समय के नजरिए से यानी दीवाली 2026 तक सोना और चांदी में अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है। उनका अनुमान है कि सोना 5000 से 5200 डॉलर प्रति औंस के स्तर तक जा सकता है, जबकि चांदी 85 से 90 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है।

First Published : April 15, 2026 | 4:13 PM IST