केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश के चार जिलों – सीहोर, रायसेन, विदिशा और देवास – के लिए व्यापक कृषि रोडमैप का आज अनावरण किया। इसका उद्देश्य खेती को अधिक लाभदायक बनाना, जल के कुशल उपयोग को बढ़ावा देना व उपलब्ध संसाधनों के अनुकूलतम उपयोग के माध्यम से उत्पादन बढ़ाना है।
यह रोडमैप मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में तीन दिवसीय ‘उन्नत कृषि महोत्सव’ के दूसरे दिन जारी किए गए। चौहान विदिशा जिले और इसके आस-पास के गांवों से आठ बार विधायक और सांसद रह चुके हैं। इसी क्षेत्र से रायसेन भी सटा हुआ है। इस मेले का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बीते दिन किया था। इसके समापन सत्र में परिवहन मंत्री नितिन गडकरी कल भाग लेंगे। इस मेले में कृषि उपकरणों, बीज और इनपुट कंपनियों, किसानों, वैज्ञानिकों, कृषि विशेषज्ञों और सरकारी अधिकारियों ने भाग लिया है। यह तीन दिनों में 20 से अधिक सत्रों में बांटा गया है, जिसमें भारतीय कृषि के सभी पहलुओं को शामिल किया गया है।
चौहान ने रोडमैप का अनावरण करते हुए कहा कि हमारा ध्यान केवल उत्पादन बढ़ाने से हटकर ‘सही फसलें’ अपनाने और स्थानीय कृषि-जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप टिकाऊ प्रथाओं को अपनाने पर केंद्रित होना चाहिए। उन्होंने किसानों से गेहूं, धान और सोयाबीन जैसी पारंपरिक फसलों से आगे बढ़कर पशुपालन, बागवानी, मधुमक्खी पालन और जैविक खेती जैसी सहायक गतिविधियों को एकीकृत करने का आग्रह किया ताकि उनकी आय बढ़ाई जा सके।
जिला-विशिष्ट योजनाओं में कुशल जल उपयोग, फसल विविधीकरण, जलवायु-के अनुकूल अच्छी कृषि और बेहतर बाजार संपर्क पर जोर दिया गया है। इन जिलों के कुछ हिस्सों में भूजल की कमी चिंता का विषय है और यह रोडमैप जल संरक्षण और संसाधन अनुकूलन को प्राथमिकता देता है। मंत्री ने टमाटर, प्याज, लहसुन, शिमला मिर्च और अनार जैसे फलों के साथ-साथ ड्रैगन फ्रूट और एवोकाडो जैसे नए विकल्पों की उच्च-मूल्य वाली फसलों की क्षमता पर प्रकाश डाला।