भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने तेल कंपनियों से हाजिर बाजार से डॉलर खरीदने से परहेज करने और इसके बजाय विशेष विंडो का लाभ उठाने को कहा है। इस खबर से रुपये में लगातार दूसरे दिन तेजी देखी गई। डॉलर के मुकाबले रुपया आज 0.29 फीसदी सुधरकर 92.93 पर बंद हुआ। गुरुवार को रुपया 93.20 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। एशियाई मुद्राओं में केवल कोरियाई वॉन, जापानी येन, सिंगापुर डॉलर और थाई बाट का प्रदर्शन रुपये से अच्छा रहा।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज में वरिष्ठ शोध विश्लेषक दिलीप परमार ने कहा, ‘रुपया लगातार दूसरे सत्र में भी बढ़त बनाए रखने में कामयाब रहा।’ परमार ने कहा, ‘कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर का कमजोर होना, बैंकों द्वारा सोने का आयात रोकने और तेल आयातकों की ओर से डॉलर की मांग में घटने से रुपये को मजबूती मिली।’
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बैंकों ने सोने का आयात रोक दिया था क्योंकि वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले विदेश व्यापार महानिदेशालय का आदेश गुरुवार तक जारी नहीं हुआ था। दरअसल विदेश व्यापार महानिदेशालय के आदेश के तहत बैंकों को सोने और चांदी के आयात की अनुमति मिलती है मगर नए वित्त वर्ष की शुरुआत में आदेश नहीं आया था। हालांकि महानिदेशालय ने आज दोपहर यह आदेश जारी कर दिया।
पश्चिम एशिया में संघर्ष के चलते मार्च में 4 फीसदी से ज्यादा नरमी के बाद इस महीने रुपया अभी तक 2 फीसदी से ज्यादा चढ़ चुका है। केंद्रीय बैंक द्वारा विदेशी मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव को रोकने के लिए नियामक उपायों की घोषणा करने से रुपये को बल मिला है।
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फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स के कार्यकारी निदेशक और ट्रेजरी प्रमुख अनिल कुमार भंसाली ने कहा, ‘आरबीआई द्वारा तेल कंपनियों को डॉलर की मांग से बाहर रखने के लिए और कदम उठाने की घोषणा के बाद, रुपया फिर से मजबूत होकर 92.65 के स्तर पर पहुंच गया।’ उन्होंने कहा, ‘देश का विदेशी मुद्रा भंडार 10 अप्रैल को समाप्त हुए सप्ताह में 3.8 अरब डॉलर बढ़कर 700 अरब डॉलर के आंकड़े पर पहुंच गया।’