facebookmetapixel
Advertisement
1080% का मोटा डिविडेंड! फाइनेंशियल सेक्टर से जुड़ी कंपनी का बड़ा तोहफा, रिकॉर्ड डेट इसी हफ्तेFPI Outflow: भारतीय शेयर बाजार से विदेशी निवेशकों का मोहभंग, 2026 में निकाले रिकॉर्ड ₹2.25 लाख करोड़ITR-1 से लेकर ITR-4 तक, सीनियर सिटीजन कौन सा फॉर्म चुनें और कहां मिल सकती है छूट?Mcap: शेयर बाजार में सुस्ती से रिलायंस समेत 7 कंपनियों के डूबे ₹1.54 लाख करोड़, HDFC को भी बड़ा झटकाअमेरिका-ईरान शांति समझौते में आया नया मोड़, ट्रंप ने ड्राफ्ट में बदलाव की मांग कर अड़ाया पेंचभीषण गर्मी के बाद आंधी-बारिश से बदलेगा मौसम का मिजाज, दिल्ली-UP सहित कई राज्यों में गिरेगा पारातेल कंपनियों के लिए खुशखबरी: सरकार ने घटाई पेट्रोल-डीजल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी, निर्यातकों को बड़ी राहतपश्चिम एशिया संकट व कमजोर मॉनसून बढ़ा सकती हैं चिंताएं, चुनौतियों से निपटने के लिए रहें तैयार: वित्त मंत्रालयक्या आपका रिटायरमेंट फंड बुढ़ापे में जीवनभर साथ देगा? जानें बढ़ती उम्र और महंगाई के बीच सुरक्षा का फॉर्मूला10 साल के सबसे खराब मानसून के खतरे के बीच सरकार का बड़ा फैसला, 1 जून से शुरू होगा ‘खेत बचाओ’ अभियान

Punjab: खेतिहर मजदूरों को भी मिलेगा फसल नुकसान के लिए दी जा रही मुआवजे का 10 फीसदी हिस्सा

Advertisement
Last Updated- April 28, 2023 | 5:00 PM IST
Punjab CM Bhagwant Mann

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को लुधियाना में मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कहा कि फसल क्षति के लिए कुल मुआवजे का दस प्रतिशत अब किसानों द्वारा नियोजित मजदूरों को दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह फैसला इसलिए किया गया क्योंकि जब भारी बारिश या ओलावृष्टि के कारण फसल खराब हो जाती है, तो खेतिहर मजदूर भी रोजी-रोटी खो देते हैं। योजना को कैसे लागू किया जाएगा, इस बारे में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जल्द मजदूरों का पंजीकरण शुरू करेगी क्योंकि उनमें से बहुत कम पंजीकृत हैं और वे राज्य और केंद्र सरकारों की योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाते हैं।

चंडीगढ़ के बाहर राज्य मंत्रिमंडल की यह पहली बैठक थी। बैठक राज्य की राजधानी से लगभग 100 किमी दूर लुधियाना के सर्किट हाउस में आयोजित की गई। मान ने कहा कि यह निर्णय लिया गया है कि अब से मंत्रिमंडल की ज्यादातर बैठकें चंडीगढ़ के बाहर होंगी और इस पहल का नाम ‘सरकार तुहाडे द्वार’ रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे अधिकारियों और मंत्रियों को लोगों की शिकायतें सुनने, सुझाव लेने और उनके मुद्दों को मौके पर हल करने का मौका मिलेगा।

मान ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद लुधियाना में संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘मंत्रिमंडल की बैठकें मोगा, मानसा और होशियारपुर जैसे विभिन्न स्थानों पर आयोजित की जाएंगी। हम इन्हें एक बड़े गांव में भी आयोजित कर सकते हैं। जहां यह आयोजित होंगी, वहां सरकार के प्रतिनिधि एक दिन बिताएंगे।’’ खेतिहर मजदूरों पर मंत्रिमंडल के फैसले के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा, ‘‘हमने तय किया है कि बेमौसम बारिश या ओलावृष्टि से किसानों की फसल खराब होने पर सरकार जो भी मुआवजा देगी, उसका दस प्रतिशत मुआवजा खेतिहर मजदूरों को दिया जाएगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘उदाहरण के लिए, यदि फसल क्षति मुआवजे के रूप में 15,000 रुपये प्रति एकड़ दिए जाते हैं, तो 1,500 रुपये उन खेतिहर मजदूरों को दिए जाएंगे जो खेतों में काम करने वाले थे, लेकिन बारिश के कारण फसल खराब होने के कारण ऐसा नहीं कर पाए।’’

मान ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘हमने अपने अधिकारियों को लेबर चौक, निर्माण स्थल और ग्रामीण क्षेत्रों में जाने तथा मौके पर उनका पंजीकरण करने को कहा है।’’

Advertisement
First Published - April 28, 2023 | 4:54 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement