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पीलीभीत फिर बनेगा बासमती एक्सपोर्ट हब, किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा

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सांसद जितिन प्रसाद ने कहा कि बीज गुणन केंद्र किसानों को प्रमाणित और स्वस्थ बीज प्रदान करेगा, जिससे बासमती की किस्मों की शुद्धता बनी रहेगी और उत्पादन बढ़ेगा

Last Updated- April 28, 2026 | 7:46 PM IST
Basmati Rice export

कभी देश-दुनिया में अपने बासमती चावल के लिए मशहूर उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले को फिर से निर्यात का केंद्र बनाया जाएगा। पीलीभीत में बासमती एक्सपोर्ट डेवलपमेंट फाउंडेशन (बीईडीएफ) का केंद्र खोला जा रहा है। मंगलवार को बीईडीएफ के लिए पीलीभीत के टांडा बिजेसी में सात एकड़ जमीन का औपचारिक हस्तांतरण किया गया। इस मौके पर केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री और स्थानीय सांसद जितिन प्रसाद ने कहा कि जिस तरह पहले कभी पीलीभीत में बासमती चावल का उत्पादन होता था, वैसे ही अब पुनः प्रयास किए जाएंगे। इस केंद्र के खुलने से किसानों को उच्च गुणवत्ता के बासमती उत्पादन के लिए प्रशिक्षण मिलेगा, जिससे वे वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे।

बीज केंद्र से बढ़ेगा बासमती उत्पादन

सांसद जितिन प्रसाद ने कहा कि बीज गुणन केंद्र किसानों को प्रमाणित और स्वस्थ बीज प्रदान करेगा, जिससे बासमती की किस्मों की शुद्धता बनी रहेगी और उत्पादन बढ़ेगा। युवाओं को बीज उत्पादन, जैविक कृषि और कृषि प्रौद्योगिकी में कौशल मिलेगा, जिससे रोजगार के अवसर पैदा होंगे और आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। रासायनिक अवशेष-मुक्त बासमती उत्पादन पर प्रशिक्षण से किसानों को वैज्ञानिक तरीके अपनाने का मौका मिलेगा, जिससे उनकी कृषि में सुधार होगा।

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आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा केंद्र

इस केंद्र में आधुनिक सुविधाएं जैसे ऑडिटोरियम, स्संग्रहालय, प्रयोगशाला और जैविक कृषि के लिए इनपुट स्टोर उपलब्ध होंगे, जो प्रशिक्षण की गुणवत्ता को बढ़ाएंगे। एनसीओएनएफ के सहयोग से जैविक कृषि को बढ़ावा मिलेगा, जिससे किसान रासायनिक उपयोग से बचकर प्राकृतिक तरीकों से खेती कर सकेंगे। एफपीओ और कृषि उद्यमियों के लिए निर्यात प्रक्रियाओं पर प्रशिक्षण मिलेगा, जिससे भारत कृषि निर्यात में वैश्विक नेतृत्व स्थापित कर सकेगा।

बासमती किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ

उन्होंने कहा कि इस केंद्र को एआईसीआरपी द्वारा मान्यता मिलने से बासमती की नई किस्मों का परीक्षण और मूल्यांकन किया जाएगा, जिससे किसानों को बेहतर पैदावार और उच्च गुणवत्ता के अनाज का लाभ मिलेगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह केंद्र न केवल हमारे किसानों को नई तकनीकी जानकारी और वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगा, बल्कि उनके जीवन स्तर को भी सुधारने में मदद करेगा।

इस केंद्र से मिलने वाले लाभों से किसानों की आय में वृद्धि होगी, उनहें बेहतर बीज, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, और वैश्विक निर्यात के अवसर मिलेंगे। एपीडा और बीईडीएफ दोनों के संयुक्त प्रयास से बन रहा यह केंद्र किसानों को बेहतर गुणवत्ता, प्रशिक्षण और वैश्विक बाजार तक पहुंच प्रदान कर कृषि निर्यात विकास के लिए निरंतर कार्यरत रहेगा।

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First Published - April 28, 2026 | 7:46 PM IST

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