facebookmetapixel
Advertisement
बैंकों में नकदी की कमी बढ़ी, क्या अब महंगे हो सकते हैं होम और ऑटो लोन?MSME को अब जल्दी मिलेगा पैसा, आरबीआई ने बदल दिए ट्रेड्स के नियमजून के PMI आंकड़ों ने निवेशकों और कारोबारियों को क्यों किया सतर्क?तेल और गैस सप्लाई के वैकल्पिक रास्ते तलाशना क्यों बन गया जरूरी?Stock Market Today: सपाट शुरुआत के संकेत, IT शेयरों पर रहेगी नजर; वैश्विक बाजारों में मिला-जुला रुखअमेरिका-ईरान समझौते पर डोभाल का बड़ा बयान, भारत को मिल सकती है बड़ी राहतआखिरी समय में क्यों रद्द हुआ जापान की प्रधानमंत्री का बहुप्रतीक्षित असम दौरा?क्या AI छीन लेगा IT कंपनियों का काम? Infosys चेयरमैन नंदन नीलेकणी ने दिया बड़ा जवाबक्या AI महिलाओं के खिलाफ भेदभाव और ऑनलाइन हिंसा को और बढ़ा रहा है?सिर्फ ट्रक नहीं, अब लॉजिस्टिक्स साम्राज्य बना रही Tata Motors! रिकॉर्ड कमाई के पीछे क्या है नया गेम प्लान?

दाल आयात के लिए पीईसी की निविदा

Advertisement
Last Updated- December 07, 2022 | 4:03 AM IST

सरकारी फर्म पीईसी ने घरेलू आपूर्ति बढ़ाने और कीमतों को थामने के लिए 13,500 टन दालों के आयात के लिए ठेके मंगाएं हैं।


अपनी वेबसाइट पर जारी निविदा में फर्म ने बताया है कि ये डिलीवरी 15 जून से जुलाई के बीच डिलीवर होने हैं जबकि यह निविदा आगामी 12 जून को बंद हो जाएगी।

ठेका में साफ कहा गया है कि आयात किया जाने वाला दाल मौजूदा सीजन 2008-09 का होगा और इसे मुंबई, चेन्नई और कोलकाता के बंदरगाहों पर डिलीवर किया जाएगा। आयातित होने वाले दालों में 4 हजार टन लेमन तूर, 3 हजार टन उड़द एसक्यू और इतना ही तूर श्वेबो, 2 हजार टन मूंग और 1.5 हजार टन मूंग पेडीसेवा शामिल हैं।

लेमन तूर, उड़द एसक्यू और तूर श्वेबो म्यांमार मूल का होगा जबकि मूंग का मूल पूर्वी अफ्रीका का होना है। उल्लेखनीय है कि सरकार ने पिछले साल घोषणा की थी कि वह सरकारी क्षेत्र के फर्मों जैसे एमएमटीसी, पीईसी, एसटीसी और नैफेड के जरिए 2007-08 के लिए 15 लाख टन दाल का आयात करेगी।

इस सीजन में भी सरकार ने तय किया कि वह एक बार फिर 2008-09 सीजन के लिए इतना ही दाल आयात करेगी।  देश में 2007-08 के दौरान दाल का उत्पादन 1.52 करोड़ टन रहने का अनुमान है। जबकि इसके पिछले साल दाल का उत्पादन महज 1.42 करोड़ टन रहा था।

Advertisement
First Published - June 6, 2008 | 11:20 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement