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रुपये को मिला ‘ट्रंप’ कार्ड का सहारा: कच्चे तेल में गिरावट से संभली स्थानीय मुद्रा, 93.87 पर बंद

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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा ईरान पर हमलों को टालने के संकेत और कच्चे तेल की कीमतों में कमी से मंगलवार को रुपये में मामूली मजबूती दर्ज की गई

Last Updated- March 24, 2026 | 11:09 PM IST
Indian Rupee
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

लगातार तीन सत्रों तक कमजोर रहने के बाद मंगलवार को रुपये में मजबूती आई, जिसका कारण कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट थी। यह गिरावट अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा ईरानी बिजली और ऊर्जा इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने की अपनी पिछली धमकी पर विराम लेने के बाद हुई, जो शांति समझौते की दिशा में संभावित कदम का संकेत है।

डॉलर सूचकांक और कच्चे तेल की कीमतों में ओवरनाइट गिरावट के चलते स्थानीय मुद्रा 93.63 प्रति डॉलर पर मजबूत खुली, हालांकि कारोबार के अंत तक इसने कुछ बढ़त खो दी और पिछले दिन के 93.97 प्रति डॉलर के बंद भाव के मुकाबले 93.87 प्रति डॉलर पर बंद हुई।

चालू वित्त वर्ष में अब तक डॉलर के मुकाबले स्थानीय मुद्रा 8.95 फीसदी गिर चुकी है जबकि चालू कैलेंडर वर्ष में अब तक इसमें 4.26 फीसदी की गिरावट आई है। मार्च में रुपये में 3.08 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई है।

सीआर फॉरेक्स के प्रबंध निदेशक अमित पबरी ने कहा, बाजार ने पांच दिन के विराम का स्वागत किया है, लेकिन पूरी तरह आश्वस्त होकर नहीं। आगे तनाव कम होने के किसी भी संकेत से डॉलर/रुपये में गिरावट आ सकती है। इसके विपरीत, तनाव बढ़ने से रुपये पर दबाव बने रहने की संभावना है। फिलहाल, हालात के मुताबिक ही रुपये की दिशा तय होगी। 

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि पश्चिम एशियाई संघर्ष को समाप्त करने के लिए सप्ताहांत में ईरान के साथ सार्थक बातचीत हुई। उन्होंने यह भी कहा कि बातचीत की प्रगति का आकलन करने के लिए वे ईरानी ऊर्जा सुविधाओं पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए टाल देंगे। हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने ऐसी किसी भी बातचीत से इनकार किया है।

ब्रेंट क्रूड की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी रहीं, जो सोमवार के उच्चतम स्तर 114 डॉलर प्रति बैरल से कम थीं। डॉलर सूचकांक भी पिछले दिन के 100.10 के मुकाबले गिरकर 99.30 पर आ गया। यह छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापता है।

सरकारी बैंक के एक डीलर ने कहा, सोमवार को बाजार बंद होने के बाद एनडीएफ में रुपया 92.80 प्रति डॉलर तक मजबूत हुआ। आरबीआई द्वारा डॉलर की खरीद के कारण बाजार की शुरुआत कमजोर रही, साथ ही ईरान ने किसी भी प्रकार की बातचीत से इनकार किया, जिससे कच्चे तेल और डॉलर सूचकांक में कुछ वृद्धि हुई। 

इस बीच, साप्ताहिक एसडीएल नीलामी में उम्मीद से अधिक कट-ऑफ के कारण बेंचमार्क 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड पर यील्ड 4 आधार अंकों की मामूली वृद्धि के साथ 6.87 फीसदी पर स्थिर हो गई।

राज्य सरकारों ने बाजार से तीव्र रफ्तार से धन जुटाना जारी रखा और मंगलवार को आयोजित नीलामी में 21 राज्यों ने 54,834 करोड़ रुपये जुटाए, जो पिछले सप्ताह के 57,525 करोड़ रुपये से मामूली कम है। लेकिन यह उधार कैलेंडर में दर्शाई गई राशि से करीब 14 फीसदी ज्यादा है।

केरल, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम और तमिलनाडु द्वारा जारी किए गए 10 वर्षीय राज्य विकास ऋणों (एसडीएल) का मूल्य 7.55-7.87 फीसदी के बीच रहा। हालांकि, राजस्थान के 10 वर्षीय ऋण की यील्ड 7.49 फीसदी से बढ़कर 7.65 फीसदी हो गई, जबकि सिक्किम की यील्ड 7.56 फीसदी से बढ़कर 7.87 फीसदी हो गई। एसडीएल और सरकारी प्रतिभूतियों के बीच यील्ड का अंतर पिछले सप्ताह के 78-85 आधार अंकों की तुलना में बढ़कर 71-103 आधार अंक हो गया।

सांकेतिक समयसारणी के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 की अंतिम तिमाही में राज्यों द्वारा करीब 5 लाख करोड़ रुपये उधार लेने की उम्मीद है, जो तीसरी तिमाही की तुलना में 77.3 फीसदी और वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही की तुलना में 5.6 फीसदी की वृद्धि दर्शाता है। इस तिमाही में अब तक, राज्यों ने पहले ही 4.83 लाख करोड़ रुपये या नियोजित राशि का 96.7 फीसदी जुटा लिया है और एक और नीलामी 31 मार्च को निर्धारित है। 

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First Published - March 24, 2026 | 11:06 PM IST

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