facebookmetapixel
Advertisement
शॉर्ट टर्म कमाई पर दबाव संभव पर लॉन्ग टर्म संभावनाएं मजबूत: चिराग सीतलवाडSUV मांग से चमका Mahindra & Mahindra, ट्रैक्टर सेगमेंट में जोखिम के बावजूद ब्रोकरेज बुलिशDMart का तिमाही नतीजा रहा है बेहतर, फिर भी ब्रोकरेज बंटे; शेयर में उतार-चढ़ावMSCI EM इंडेक्स में पैसिव निवेश खींचने में भारत पर भारी पड़ी अकेली ताइवानी कंपनीअमेरिका-ईरान समझौते की उम्मीद से रुपये की 5 दिन की गिरावट थमी, बॉन्ड में भी आई तेजीECLGS 5.0 से MSME लोन में तेजी की उम्मीद, बैंकिंग सेक्टर को मिलेगा बड़ा सहाराअमेरिका-ईरान में शांति के आसार से चढ़े बाजार, सेंसेक्स 941 अंक उछला, तेल में गिरावटविदेशी विश्वविद्यालयों के भारत आने से बढ़ेगी फैकल्टी डिमांड, वेतन और प्रतिस्पर्धा में आएगा उछालभारत-वियतनाम संबंधों में नया अध्याय: 25 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य, रक्षा और डिजिटल सहयोग को मिली रफ्तारगारंटी मिले तभी देंगे Vodafone Idea को कर्ज, बैंक मांग रहे प्रमोटर सपोर्ट

खराब मौसम से फसल को नुकसान के बावजूद सरकार को गेहूं की रिकॉर्ड पैदावार की उम्मीद

Advertisement
Last Updated- April 06, 2023 | 3:48 PM IST
Wheat

केंद्रीय खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार को 2022-23 में रिकॉर्ड 11.21 करोड़ टन गेहूं उत्पादन की उम्मीद है। गौरतलब है कि देश के कुछ हिस्सों में खराब मौसम से फसल को नुकसान के बावजूद सरकार को गेहूं की रिकॉर्ड पैदावार होने उम्मीद है।

हालांकि, इससे फसल की गुणवत्ता कुछ हद तक प्रभावित हो सकती है। सरकार ने 2022-23 फसल वर्ष (जुलाई-जून) में 11.21 करोड़ टन का रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन का अनुमान लगाया है। कुछ राज्यों में गर्मी की लहर के कारण इससे पिछले वर्ष में गेहूं का उत्पादन मामूली रूप से घटकर 10.77 करोड़ टन रह गया था।

चोपड़ा ने कहा, ‘‘पिछले दो सप्ताह में खराब मौसम के कारण गेहूं की फसल को कुछ नुकसान हुआ है।’’

सचिव ने कहा कि मध्य प्रदेश में गेहूं की खरीद के लिए गुणवत्ता मानकों में ढील दी गई है और केंद्र जल्द ही पंजाब और हरियाणा में गेहूं की खरीद के लिए गुणवत्ता मानकों में ढील देने पर विचार करेगा। सरकारी एजेंसी एफसीआई और राज्य एजेंसियां कई राज्यों में खरीद शुरू कर चुकी हैं।

केंद्र ने सोमवार को कहा था कि प्रमुख उत्पादक राज्यों में हाल की बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण गेहूं की फसल को लगभग 8-10 प्रतिशत नुकसान होने का अनुमान है।

सरकार ने आगे कहा कि देर से बुवाई वाले क्षेत्रों में बेहतर उपज की संभावना से इसकी भरपाई हो सकती है।

Advertisement
First Published - April 6, 2023 | 3:48 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement