facebookmetapixel
Advertisement
जमीन-मकान खरीदने वाले दें ध्यान! सिर्फ प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री ही काफी नहीं, जानें म्यूटेशन भी क्यों है जरूरी?गिफ्ट सिटी से कर करेंगे गोल्ड में निवेश, ​गिफ्ट सिटी से पहला गोल्ड फंड लॉन्चसेना की बढ़ेगी ताकत: सरकार ने ₹52,000 करोड़ के रक्षा सौदे को दी मंजूरी, मिलेंगे घातक हथियारUS में ब्याज दरों पर सेंटीमेंट बदला, क्या सोना ₹1.5 लाख और चांदी ₹2.5 लाख के पार जाएंगे?Explainer: अगर कंपनी दिवालिया हो जाए, तो क्या डूब जाएगा PF, पेंशन और ग्रेच्युटी? जानें कानूनी अधिकारचीन पर बदला भारत का रुख? 4 कंपनियों को सरकारी टेंडर में बोली लगाने की मिली इजाजतHCLTech को मिला 10,830 करोड़ रुपये का बड़ा AI कॉन्ट्रैक्ट, शेयर 4% से ज्यादा उछलारिमोट से ई-रिक्शा बंद होने का खतरा! सरकार ने ऐप स्टोर से हटाए 2 संदिग्ध चीनी ऐपPersonal Loan से पहले तैयार रखें ये डॉक्यूमेंट्स, वरना पहली बार में ही रिजेक्ट हो सकता है आवेदनNifty 50 की हर कंपनी में बराबर निवेश का मौका, Axis MF के नए फंड में ₹100 से शुरुआत

प्याज निर्यात पर प्रतिबंध हटाने से पहले निर्वाचन आयोग की ली गई अनुमति, मगर शर्तों के साथ

Advertisement

यह फैसला ऐसे समय लिया गया है जबकि महाराष्ट्र सहित कई प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में लोकसभा चुनाव के लिए मतदान होने वाला है।

Last Updated- May 05, 2024 | 11:43 PM IST
onion

केंद्र सरकार ने लोकसभा चुनाव के कारण आदर्श आचार संहिता लागू होने के मद्देनजर प्याज निर्यात से प्रतिबंध हटाने से पहले निर्वाचन आयोग की अनुमति ली है। सूत्रों ने यह जानकारी दी।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, वित्त मंत्रालय के तहत राजस्व विभाग ने 40 प्रतिशत निर्यात शुल्क और 550 अमेरिकी डॉलर प्रति टन के न्यूनतम निर्यात मूल्य (एमईपी) की शर्तों के तहत प्याज निर्यात से प्रतिबंध हटाने के लिए निर्वाचन आयोग से अनुमति ली है।

सरकार ने शनिवार को प्याज निर्यात से प्रतिबंध हटा दिया था। इस फैसले से बड़ी संख्या में किसानों को मदद मिलेगी। यह फैसला ऐसे समय लिया गया है जबकि महाराष्ट्र सहित कई प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में लोकसभा चुनाव के लिए मतदान होने वाला है।

सरकार 550 डॉलर प्रति टन के न्यूनतम निर्यात मूल्य (लगभग 46 रुपये प्रति किलोग्राम) के साथ ही 40 प्रतिशत का निर्यात शुल्क लगाया है। इस शुल्क को देखते हुए 770 डॉलर प्रति टन या 64 रुपये प्रति किलोग्राम से कम भाव पर प्याज निर्यात की अनुमति नहीं दी जाएगी।

प्याज के निर्यात से प्रतिबंध हटाने का निर्णय उपभोक्ता मामलों के विभाग की सिफारिश पर लिया गया है। विभाग देश में प्याज की उपलब्धता और कीमत की स्थिति पर नजर रखता है। पिछले साल आठ दिसंबर को केंद्र ने उत्पादन में संभावित गिरावट की चिंताओं के बीच खुदरा कीमतों को नियंत्रित करने के लिए प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था।

पिछले 4-5 साल के दौरान देश से सालाना 17 लाख से 25 लाख टन प्याज का निर्यात हुआ है। उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने शनिवार को कहा कि प्रतिबंध हटने से खुदरा बाजार में कीमतों में कोई वृद्धि नहीं होगी।

उन्होंने कहा, ‘‘कीमतें स्थिर रहेंगी। अगर कोई बढ़ोतरी होती है, तो यह बहुत मामूली होनी चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि सरकार उपभोक्ताओं और किसानों दोनों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

Advertisement
First Published - May 5, 2024 | 10:09 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement