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AgriTech: दक्षिण-पूर्व एशिया में 90 अरब डॉलर का मौका! भारत मॉडल बना उदाहरण

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रिपोर्ट में खुलासा- डिजिटल खेती और निवेश से बड़ी ग्रोथ की संभावना

Last Updated- April 03, 2026 | 9:39 AM IST
Agriculture Agritech
Representational Image

AgriTech: दक्षिण-पूर्व एशिया में दुनिया के सबसे बड़े कृषि प्रौद्योगिकी (एग्री-टेक) से अवसर उपलब्ध हैं जिनको अभी तक खंगाला नहीं गया है। उद्यम पूंजी तथा प्रशासनिक क्षेत्र में भारत का विकास इन अवसरों का लाभ उठाने के मामले में सबसे अच्छा मॉडल पेश करता है। ओम्निवोर, बीन्सटाक एगटेक और ब्राइटर की हालिया रिपोर्ट से यह जानकारी मिली है।

दक्षिण पूर्व एशिया में कृषि की जीडीपी में लगभग 15 प्रतिशत हिस्सेदारी है और इससे 40 प्रतिशत तक लोगों को रोजगार मिलता है। ‘दक्षिण पूर्व एशिया में एग्री-टेक निवेश के लिए अवसर’ नामक रिपोर्ट में कहा गया है कि डिजिटलीकरण और एग्री-टेक अपनाने से साल 2033 तक इस क्षेत्र में सालाना 90 अरब डॉलर से अधिक का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) लाभ हो सकता है।

एफएमओ वेंचर्स, आईएफसी (विश्व बैंक समूह) और राबो फाउंडेशन की मदद से तैयार यह रिपोर्ट क्षेत्र के 13 बाजारों में कृषि और कृषि-प्रौद्योगिकी परिदृश्य का डेटा-संचालित विश्लेषण मुहैया कराती है। ओम्निवोर की क्षेत्र विशेषज्ञता का लाभ उठाते हुए यह उन चार कारोबारों की पहचान करती है, जिनमें सबसे जोरदार रफ्तार है यानी डिजिटल मूल्य श्रृंखला, समावेशी एग्री-फिनटेक, एग्रीफूड लाइफ साइंसेज और टिकाऊ उपभोक्ता ब्रांड।

ओम्निवोर में प्रबंध साझेदार मार्क काह्न ने कहा, ‘हम भारतीय AgriTech में एक दशक से अधिक से निवेश कर रहे हैं। हमने प्रशासन, निकासी के अवसरों तथा बाजार के बुनियादी ढांचे के निर्माण के कठिन काम के जरिये पारिस्थितिकी तंत्र को परिपक्व होते देखा है।’ उन्होंने कहा कि दक्षिण पूर्व एशिया के AgriTech परिदृश्य की राह समान है और भारत का अनुभव ‘उचित कार्य योजना’ मुहैया कराता है।

काह्न ने कहा, ‘विभाजन वास्तविक है, लेकिन इस क्षेत्र में कृषि उत्पादन और किसान समुदायों को ऊपर उठाने का अवसर भी है। धैर्यवान, अनुशासित पूंजी जो स्थानीय बाजार की गतिशीलता समझती है, वही इन पारिस्थितिकी तंत्रों को आगे बढ़ाती है।’

इस क्षेत्र में एग्री-टेक निवेश साल 2022 में 75 करोड़ डॉलर से अधिक के शिखर पर पहुंच गया था। लेकिन बाद में साल 2025 तक लगभग 70 प्रतिशत गिर गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि निवेशकों द्वारा कृषि बाजारों की संरचनात्मक वास्तविकताओं, अलग-अलग मूल्य श्रृंखलाओं और दक्षिण पूर्व और दक्षिण एशिया में उद्यमों को बड़े स्तर पर बढ़ाने की चुनौतियों का पुनर्मूल्यांकन करने के कारण इस क्षेत्र में तेज सुधार हुआ है।

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First Published - April 3, 2026 | 9:24 AM IST

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