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पश्चिम बंगाल में ₹4.38 लाख करोड़ का बजट हुआ पेश, ‘विकसित बांग्ला’ पर बीजेपी सरकार ने लगाया बड़ा दांव

पश्चिम बंगाल सरकार ने अपने पहले बजट में बुनियादी ढांचे, नए एयरपोर्ट्स, मेट्रो और औद्योगिक गलियारों पर फोकस करते हुए 'विकसित बांग्ला' का रोडमैप पेश किया है

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ईशिता आयान दत्त   
Last Updated- June 22, 2026 | 10:47 PM IST

पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने अपने पहले बजट में ‘डबल इंजन’ सरकार के फायदे की झलक पेश करने की कोशिश की। बजट में राज्य के विकास मॉडल को नए सिरे से तैयार करते हुए बुनियादी ढांचा, औद्योगीकरण और केंद्र द्वारा प्रायोजित योजनाओं को अपनी विकास रणनीति के केंद्र में रखा गया है। 4.38 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश करते हुए राज्य के वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता ने कहा कि नई सरकार का मकसद ‘विकसित भारत’ के जीवंत हिस्से के तौर पर ‘विकसित बांग्ला’ यानी एक ऐसा पश्चिम बंगाल बनाना है जो विकसित, सुरक्षित, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार हो।

सरकार ‘पूर्वोदय’ पहल के तहत पश्चिम बंगाल के लिए विकास की व्यापक खाका तैयार करने की भी योजना बना रही है, जिसमें औद्योगिक गलियारे, विनिर्माण केंद्र, और पर्यटन से जुड़े बुनियादी ढांचे के विस्तार पर ध्यान दिया जाएगा। वर्षों से अटकी ताजपुर में गहरे समुद्र वाली परियोजना को अब पूर्वी मेदिनीपुर में सार्वजनिक-निजी भागीदारी के जरिये विकसित करने पर सरकार विचार कर रही है। कनेक्टिविटी प्लान के तहत, दुर्गापुर-आसनसोल और सिलीगुड़ी-जलपाईगुड़ी के बीच मेट्रो लिंक के लिए तकनीकी आ​र्थिक व्यवहार्यता अध्ययन किया जाएगा।

उड़ान योजना के तहत पुरुलिया, बालुरघाट और मालदा में नए हवाई अड्डे बनाए जाएंगे। कोलकाता हवाई अड्डे पर यात्रियों की भीड़ को कम करने के लिए कल्याणी के नजदीक एक नया हवाई अड्डा बनाने के लिए 1,000-1,500 एकड़ जमीन भी सरकार चिह्नित करेगी।

राज्य सरकार ‘पश्चिम बंगाल निवेश ढांचा’ लाएगी जिसमें औद्योगिक गलियारे के साथ क्लस्टर के माध्यम से औद्योगिक विकास पर जोर दिया जाएगा। विचारधीन परियोजनाओं में दुर्गापुर में सेमीकंडक्टर विनिर्माण इकाई और बांकुरा एवं बीरभूम में रक्षा विनिर्माण केंद्र शामिल हैं। पश्चिम बंगाल की प्रतिभाओं का फायदा उठाने के लिए सरकार ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) नीति लाने की योजना बना रही है।

राज्य के वित्त मंत्री ने 8,15,891 करोड़ रुपये के भारी-भरकम कर्ज की ओर इशारा करते हुए इसे ‘संभावित रूप से कमर तोड़ने वाला’ बताया। उन्होंने कहा, ‘केंद्र के सहयोग और वित्तीय सुधारों के जरिये हम इसे टिकाऊ रास्ते पर लाने की कोशिश करेंगे।’ राज्य सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के प्रतिशत के तौर पर राजस्व घाटा 1.02 फीसदी रहने का अनुमान है, जो 2025-26 के संशोधित आंकड़े 2.07 प्रतिशत से कम है। इसी तरह राजकोषीय घाटा 2.91 फीसदी रहने का अनुमान है। 

First Published : June 22, 2026 | 10:02 PM IST