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Auto Sales: मई में 20% से ज्यादा बढ़ सकती है कार बिक्री, ब्रोकरेज ने बताए टॉप पिक

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मई में ऑटो बिक्री की रफ्तार रह सकती है तेज, कार कंपनियां दिखा सकती हैं सबसे मजबूत प्रदर्शन

Last Updated- May 29, 2026 | 9:30 AM IST
Auto Sales june 2026

Auto Sales May 2026: मई 2026 में ऑटोमोबाइल कंपनियों की बिक्री में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। शादी-ब्याह के सीजन, नए मॉडल लॉन्च, आसान फाइनेंसिंग और लोगों की बढ़ती खरीदारी क्षमता से ऑटो सेक्टर को फायदा मिलने की उम्मीद है। हालांकि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण कुछ कंपनियों के निर्यात कारोबार पर असर पड़ सकता है, लेकिन कुल मिलाकर घरेलू बाजार में मांग मजबूत बनी हुई है। इसी वजह से कार, दोपहिया, ट्रैक्टर और कमर्शियल वाहन सभी सेगमेंट में बिक्री बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा है।

कार कंपनियों की बिक्री में सबसे ज्यादा तेजी की उम्मीद

पैसेंजर व्हीकल (PV) सेगमेंट मई में ऑटो इंडस्ट्री का सबसे मजबूत प्रदर्शन करने वाला क्षेत्र बन सकता है। लोगों के लिए कार खरीदना पहले के मुकाबले आसान हुआ है, वहीं कंपनियां लगातार नए मॉडल बाजार में उतार रही हैं। इसके अलावा बैंकों और एनबीएफसी की ओर से आसान लोन उपलब्ध होने से भी मांग को समर्थन मिल रहा है।

नुवामा का अनुमान है कि टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (TMPV) की कुल बिक्री सालाना आधार पर 35 फीसदी बढ़कर 56,700 यूनिट तक पहुंच सकती है। मारुति सुजुकी की बिक्री 25 फीसदी बढ़कर 2.25 लाख यूनिट रहने का अनुमान है। महिंद्रा एंड महिंद्रा की बिक्री 15 फीसदी बढ़कर 97,000 यूनिट और हुंडई की बिक्री 7 फीसदी बढ़कर 63,000 यूनिट हो सकती है।

हालांकि हुंडई के लिए एक चुनौती पश्चिम एशिया का बाजार है। कंपनी के कुल निर्यात में इस क्षेत्र की हिस्सेदारी 40 फीसदी से ज्यादा है, इसलिए वहां चल रहे तनाव का असर उसके निर्यात पर पड़ सकता है।

बाइक और स्कूटर कंपनियों को भी मिल सकता है फायदा

दोपहिया वाहन कंपनियों के लिए भी मई का महीना अच्छा रहने की उम्मीद है। शादी के सीजन में ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में बाइक और स्कूटर की मांग बढ़ती है। इसके अलावा आसान फाइनेंसिंग और बेहतर आय स्तर भी बिक्री को सहारा दे रहे हैं।

नुवामा के मुताबिक, टीवीएस मोटर की कुल बिक्री 18 फीसदी बढ़कर 5.1 लाख यूनिट हो सकती है। रॉयल एनफील्ड की बिक्री 16 फीसदी बढ़कर 1.04 लाख यूनिट, बजाज ऑटो की 16 फीसदी बढ़कर 4.45 लाख यूनिट और हीरो मोटोकॉर्प की 12 फीसदी बढ़कर 5.7 लाख यूनिट रहने का अनुमान है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि अफ्रीका और लैटिन अमेरिका जैसे बाजारों में मांग बढ़ने से निर्यात भी मजबूत रह सकता है, जिससे दोपहिया कंपनियों को अतिरिक्त सहारा मिलेगा।

ट्रैक्टर बाजार में बनी रह सकती है मजबूती

ट्रैक्टर उद्योग में पिछले कुछ महीनों से दिख रही तेजी मई में भी जारी रह सकती है। ग्रामीण इलाकों में नकदी की उपलब्धता बेहतर हुई है और किसानों को फाइनेंसिंग भी आसानी से मिल रही है। इसका सीधा फायदा ट्रैक्टर बिक्री को मिल सकता है। हालांकि पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण कच्चे तेल और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। इससे किसानों की लागत बढ़ सकती है और आगे चलकर मांग पर कुछ असर पड़ सकता है।

इसके बावजूद नुवामा का अनुमान है कि महिंद्रा फार्म और एस्कॉर्ट्स दोनों की ट्रैक्टर बिक्री मई में करीब 15 फीसदी बढ़ सकती है। महिंद्रा फार्म की बिक्री 46,700 यूनिट और एस्कॉर्ट्स की बिक्री 11,900 यूनिट रहने का अनुमान है।

कमर्शियल वाहनों में वृद्धि जारी, लेकिन रफ्तार थोड़ी धीमी

कमर्शियल वाहन (CV) सेगमेंट में भी वृद्धि जारी रहने की उम्मीद है, हालांकि इसकी रफ्तार पिछले कुछ महीनों की तुलना में थोड़ी धीमी हो सकती है। माल ढुलाई की उपलब्धता और ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर ट्रांसपोर्टरों में कुछ चिंता है, जिसका असर खरीदारी के फैसलों पर पड़ सकता है।

फिर भी घरेलू बाजार में बिक्री 10 फीसदी से अधिक बढ़ने का अनुमान है। टाटा मोटर्स के कमर्शियल वाहन कारोबार की बिक्री 17 फीसदी बढ़कर 33,000 यूनिट हो सकती है। वहीं वीईसीवी की बिक्री 11 फीसदी बढ़कर 8,200 यूनिट और अशोक लेलैंड की बिक्री 5 फीसदी बढ़कर 16,200 यूनिट रहने का अनुमान है।

अगले कुछ सालों में कैसी रहेगी ऑटो इंडस्ट्री की चाल?

नुवामा का मानना है कि भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग में आने वाले वर्षों में भी स्थिर वृद्धि देखने को मिलेगी। ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 2026 से 2028 के बीच पैसेंजर व्हीकल उद्योग की बिक्री में सालाना औसतन 8 फीसदी, दोपहिया वाहनों में 6 फीसदी, मध्यम और भारी कमर्शियल वाहनों में 2 फीसदी और ट्रैक्टर उद्योग में 1 फीसदी वृद्धि का अनुमान लगाया है।

ब्रोकरेज की पसंदीदा कंपनियों में हुंडई, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स और आयशर मोटर्स शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इन कंपनियों में आने वाले वर्षों में उद्योग के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता है।

(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)

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First Published - May 29, 2026 | 9:24 AM IST

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