जुलाई में 15% घटा इक्विटी फंड निवेश, पर स्मॉलकैप-मिडकैप फंड्स में बना ऑल-टाइम रिकॉर्ड
जुलाई में म्युचुअल फंडों (एमएफ) की इक्विटी योजनाओं में शुद्ध निवेश मासिक आधार पर 15 फीसदी घटकर 24,697 करोड़ रुपये रह गया जबकि स्मॉलकैप और मिडकैप फंडों में संयुक्त निवेश रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। स्मॉलकैप फंडों में शुद्ध निवेश मासिक आधार पर 39 फीसदी के इजाफे के साथ रिकॉर्ड 7,768 करोड़ रुपये पर पहुंच […]
शेयर बाजार में Authorized Persons के नियम होंगे कड़े, Brokers की Compliance जिम्मेदारी भी बढ़ेगी
स्टॉक एक्सचेंजों ने अधिकृत व्यक्तियों (एपी) को नियंत्रित करने वाले नियामक ढांचे में व्यापक बदलाव का प्रस्ताव किया है। इसमें पात्रता के सख्त मानदंड, अनिवार्य प्रमाणन, नेटवर्थ की अनिवार्यताएं और स्टॉक ब्रोकरों द्वारा कड़ी निगरानी शामिल है। इस तरह एक्सचेंजों ने अधिकृत व्यक्तियों के लिए इस व्यवसाय में नियम कड़े करने का प्रस्ताव किया है। […]
नए Closing Auction System के बाद बाजार हुआ स्थिर, आखिरी मिनटों की उठा-पटक में कमी
नए क्लोजिंग ऑक्शन सत्र (सीएएस) की वजह से कारोबार के समापन में होने वाली तेज उठा-पटक हफ्ते के दौरान धीरे-धीरे कम होती गई। पहले दिन ऑक्शन विंडो के दौरान निफ्टी में 82.4 आधार अंक का मूवमेंट था जो शुक्रवार को घटकर 5.5 आधार अंक रह गया। इससे संकेत मिलता है कि शुरुआत में कीमतों में […]
म्युचुअल फंड कंपनियों की नई रणनीति, अलग-अलग थीम पर फोकस करेंगी नई स्कीमें
बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच खुद को अलग दिखाने के लिए म्युचुअल फंड कंपनियां खास तरह की नई योजनाएं शुरू करने की तैयारी में लगी हैं। फंड कंपनियों को हाल ही में कई ऐसे फंडों के लिए मंजूरी मिली है, जिन्हें उद्योग में पहली बार पेश किया जाएगा। इन फंड हाउस में मोतीलाल ओसवाल एमएफ का […]
UTI के दौर से SIP तक, कैसे बदल गया म्युचुअल फंड?
वर्ष 1991 में शुरू आर्थिक सुधारों एवं उदारीकरण ने भारतीय अर्थव्यवस्था के हरेक पहलू को प्रभावित किया है। म्युचुअल फंड उद्योग भी उनमें एक रहा है। वैल्यू रिसर्च के संस्थापक धीरेंद्र कुमार वर्ष 1991 के आर्थिक उदारीकरण से पहले के म्युचुअल फंड (एमएफ) उद्योग के बारे में कहते हैं,‘वह सरकारी गारंटी वाली सरकार का एकाधिकार […]
RBI Policy के बाद डेट फंड्स में कहां लगाएं पैसा? ड्यूरेशन को लेकर बंटी फंड मैनेजर की राय
डेट फंड प्रबंधक भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति की घोषणाओं को बॉन्ड बाजार के लिए मददगार मान रहे हैं, क्योंकि केंद्रीय बैंक ने वृद्धि और महंगाई के बीच ज्यादा भरोसा दिलाने वाला संतुलन बनाया है। लेकिन ड्यूरेशन स्ट्रैटजी को लेकर उनकी राय बंटी हुई है। कुछ लोग ज्यादा लंबी अवधि वाली प्रतिभूतियों की […]
NSE क्लोजिंग प्राइस विवाद से बदला म्युचुअल फंड NAV, निवेशकों पर दिखा अलग-अलग असर
नैशनल स्टॉक एक्सचेंज पर सोमवार को बंद भाव में विसंगति का असर म्युचुअल फंड (एमएफ) योजनाओं के शुद्ध परिसंपत्ति मूल्य (एनएवी) पर भी पड़ा। इससे दिन के दौरान लेनदेन करने वाले निवेशकों को अलग-अलग नतीजे मिले। जिन निवेशकों ने दोपहर 3 बजे की कट-ऑफ से पहले लार्जकैप शेयरों पर केंद्रित योजनाओं में निवेश किया उन्हें […]
RBI से दरों में बदलाव की उम्मीद नहीं, 2-5 साल के कॉरपोरेट बॉन्ड और लंबी अवधि के G-Sec आकर्षक
निप्पॉन इंडिया म्युचुअल फंड में फिक्स्ड इनकम के अध्यक्ष और मुख्य निवेश अधिकारी अमित त्रिपाठी का मानना है कि सरकारी प्रतिभूतियों (जी-सेक) पर यील्ड थोड़े समय के लिए एक दायरे में बना रह सकता है क्योंकि बाजारों ने काफी हद तक सीमित दर वृद्धि चक्र को पहले ही मान लिया है। अभिषेक कुमार के साथ […]
क्लोजिंग ऑक्शन से बाजार हैरान, सेंसेक्स 544 अंक चढ़ा तो निफ्टी में 391 अंकों की बढ़त
वायदा और विकल्प (एफऐंडओ) खंड में शेयरों का बंद भाव तय करने के लिए क्लोजिंग ऑक्शन सिस्टम की शुरुआत सोमवार को मुश्किल भरी रही। बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी के बंद भाव में 91 आधार अंक का अंतर दिखा। सेंसेक्स 544 अंक या 0.7 फीसदी की बढ़त के साथ 78,639 पर बंद हुआ। निफ्टी 391 अंक […]
IT Funds: जुलाई की रिकॉर्ड तेजी के बीच निवेशकों ने निकाला पैसा, मुनाफावसूली या रणनीति में बदलाव
निफ्टी आईटी सूचकांक को ट्रैक करने वाले पैसिव फंडों से जुलाई में निकासी हुई। यह ऐसे समय हुई जब इस सेक्टर ने कई साल के निचले स्तर से जबरदस्त रिकवरी की थी। जुलाई में (30 तारीख तक) निफ्टी आईटी इंडेक्स फंडों और एक्सचेंज-ट्रेडेड फंडों (ईटीएफ) की कुल प्रबंधन अधीन परिसंपत्तियां (एयूएम) 13.8 फीसदी बढ़कर लगभग […]