संगीत समूह कबीर कला मंच की कार्यकर्ता शीतल ने इस महीने के शुरूआत में एक सत्र अदालत द्वारा अपनी जमानत याचिका रद्द कर दिए जाने के बाद उच्च न्यायालय का रूख किया था।
न्यायमूर्ति एएम थिप्से ने 30,000 के एक निजी मुचलके पर उनकी जमानत मंजूर कर ली क्योंकि अभियोजन ने भी उनकी याचिका का विरोध नहीं किया।
दो साल से अधिक समय से भूमिगत रहने के बाद शीतल और उनके पति सचिन माली ने मंत्रालय के बाहर गिरफ्तारी दी थी। एटीएस ने उन्हें दो अप्रैल को गिरफ्तार किया था।
राज्य में नक्सली गतिविधियों का समर्थन करने और कोष मुहैया करने में कथित भूमिका निभाने को लेकर 15 लोगों के खिलाफ 2011 में दर्ज एक मामले में शीतल और माली को भगोड़ा घोषित किया गया था।
ये दोनों लोग गैर कानूनी गतिविधि निवारण अधिनियम की कई धारओं के तहत आरोपों का सामना कर रहे हैं।