समाचार पत्र द इंडिपेंडेंट के अनुसार कई सांसद तो महीनों विदेश दौरे पर रहे और संसद का सत्र चलने के दौरान भी यहां नहीं थे। इन सांसदों के विदेश दौरों पर खर्च करने वालों के अपने हित थे।
विदेश दौरे से लौटने के बाद कई सांसदों ने यहां के हाउस ऑफ कॉमन में उन सरकारों अथवा देशों के पक्ष में भाषण दिए जहां वे गए थे।
अखबार ने अपनी रपट में कहा है कि कुल 242 सांसद तथ्यान्वेषी मिशन :फैक्ट फाइंडिंग मिशन: के तहत विदेश दौरे पर गए। हर सांसद पर औसतन 6,500 पाउंड का खर्च आया।
ये सांसद भारत, श्रीलंका, चीन और सोवियत देशों के दौरे पर गए। सांसदों ने पिछले दो साल के दौरान 36 बार चीन और हांगकांग का दौरा किया तो भारत के दौरे की संख्या 23 रही।