अदालत ने साथ ही उस दिन मामले के पूर्व विवेचकों को भी सम्बन्धित केस डायरियों के साथ पेश होने को कहा है।
न्यायमूर्ति इम्तियाज मुर्तजा और न्यायमूर्ति अनुराग कुमार की खंडपीठ ने यह आदेश अधिवक्ता प्रिंस लेनिन की अर्जी पर दिया है।
लेनिन ने ही पिछले साल उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर करके लखनउ में दो मुख्य चिकित्साधिकारियों डाक्टर वी. के. आर्या और डाक्टर बी. पी. सिंह की हत्या की जांच सीबीआई के सुपुर्द किये जाने का आग्रह किया था। इसके तहत अदालत ने दोनों सीएमओ की हत्या समेत लखनउ के सीएमओ दफ्तर में कथित एनआरएचएम घोटाले की तफ्तीश भी सीबीआई के सुपुर्द की थी।
लखनउ सीएमओ दफ्तर में हुए कथित घोटाले के सिलसिले में हाल ही में सीबीआई ने जांच पूरी करके आरोप पत्र सम्बन्धित अदालत में दाखिल कर दिये थे। सिर्फ लखनउ सीएमओ कार्यालय में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के मुद्दे पर अभी सीबीआई की तफ्तीश लम्बित है।