इस मामले में एचएसई पहले ही अपने स्तर से जांच कर रहा है। सविता के पति प्रवीण ने इस जांच में सहयोग से इंकार किया है। वह पूर्ण सार्वजनिक जांच की मांग कर कर रहे हैं।
उनकी ओर से यह भी चेतावनी दी गई है कि एचएसई के जांच दल को सविता के चिकित्सा रिकॉर्ड उपलब्ध कराए गए तो उनके वकील इसे कानूनी चुनौती देंगे।
बीते 28 अक्तूबर को 31 वर्षीय सविता हलप्पनवार की मौत गैलवे विश्वविद्यालय अस्पताल में रक्त विषाक्तता के कारण उस समय हो गई थी जब डाक्टरों ने उनका गर्भपात करने से यह कहकर इंकार कर दिया था कि यह एक कैथोलिक देश है और यहंा गर्भपात की अनुमति नहीं है।