आक्रामक सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग अच्छी फार्म में नहीं हैं और यहां दिल्ली रणजी ट्राफी क्रिकेट टीम के साथ पहले दिन नेट अभ्यास के दौरान उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ा।
नजफगढ़ के नवाब सहवाग को राज्य की टीम के साथ अपने पहले अभ्यास सत्र के दौरान जूझना पड़ा जब अनुभवी आशीष नेहरा और इशांत शर्मा के अलावा कुछ नेट गेंदबाजों ने भी उन्हें अपनी तेजी और उछाल से परेशान किया।
चार नवंबर 2012 को सहवाग टेस्ट क्रिकेट में बिना शतक के दो बरस पूर कर लेंगे। उन्हौंेने अपना पिछला शतक चार नवंबर 2010 को अहमदाबाद में न्यूजीलैंड के खिलाफ बनाया था।
कभी कभी ऐसा होता है कि खिलाड़ी नेट पर अच्छा प्रदर्शन नहीं करता लेकिन मैच के दौरान वह अच्छी पारी खेलने में सफल रहता है लेकिन तब चिंता बढ़ जाती है जब एक नेट गेंदबाज अपनी बाउंसर से विश्व स्तर बल्लेबाज को परेशान कर दे।
विराट कोहली का भले ही मानना हो कि एक अच्छी बाउंसर हमेशा एक अच्छी बाउंसर होती है लेकिन सहवाग ने जिस तरह से गेंद को खेला उससे स्पष्ट संकेत मिले कि वह फिलहाल किस तरह की फार्म में हैं।