दिल्ली की एक अदालत पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अंबुमणि रामदास और अन्य आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप में अभियोग निर्धारण के लिए कल से दलीलों पर सुनवाई शुरू करेगी। यह मामला इंदौर के एक मेडिकल कॉलेज को बिना उचित सुविधा के छात्रों का दाखिला लेने की अनुमति देने से जुड़ा हुआ है।
विशेष न्यायाधीश तलवंत सिंह ने 12 सितंबर को रामदास और नौ अन्य आरोपियों के खिलाफ दैनिक आधार पर कल से सुनवाई करने की तारीख निर्धारित की थी।
रामदास के खिलाफ सीबीआई ने इंदौर के इंडेक्स मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर :आईएमसीएचआरसी: में बिना पर्याप्त संकाय सदस्यों और क्लीनिकल आधारभूत संरचना के 2009 में छात्रों का दाखिला लेने की अनुमति देने के लिए अपने पद का दुरुपयोग करने को लेकर आरोप पत्र दायर किया था।
रामदास के अतिरिक्त मामले में नौ अन्य आरोपियों में कैबिनेट सचिवालय के निदेशक के वी एस राव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सेक्शन ऑफिसर सुदर्शन कुमार और डा. जे एस धूपिया और सफदरजंग अस्पताल के डा. दीपेद्र कुमार शामिल हैं।
आईएमसीएचआरसी के पूर्व डीन आरोपी डा. एस के टोंगिया, कॉलेज के चिकित्सा निदेशक डा. के के सक्सेजा के साथ नितिन गोठवाल और डा. पवन भंबानी भी आरोपी के तौर पर नामजद किए गए हैं।
आईएमसीएचआरसी के अध्यक्ष सुरेश सिंह भदौरिया भी मामले में आरोपी हैं। सारे आरोपी जमानत पर रिहा हैं।
रामदास मई 2004 से अप्रैल 2009 के बीच संप्रग-एक सरकार में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री थे।
भाषा