हैदराबाद में चल रहे संयुक्त राष्ट्र जैव विविधता सम्मेलन का आज सुबह यहां समापन हो गया। सम्मेलन में सभी पक्ष इस बात पर सहमत हो गए कि जैव विविधता के संरक्षण के लिए संसाधन जुटाने के वास्ते एक रूपरेरखा बनाई जानी चाहिए ।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री जयंती नटराजन ने कहा, मुझे लगता है कि यह हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि रही कि संसाधन जुटाने को लेकर जापान में जो काम अधूरा रह गया था उसे पूरा करने को हमने अपना लक्ष्य बनाया। हालांकि गहन वार्ताओं के दौर के बाद, पूरी टीम के शानदार प्रयासों और सभी पक्षों द्वारा किए गए सहयोग के कारण, हम यह लक्ष्य पूरा करने के लिए संसाधन जुटाने पर सहमति बनाने में सफल रहे।
नटराजन ने कहा कि सम्मेलन मेंं 172 देशों के 14,000 प्रतिनिधि शामिल हुए। भारत के लिए ऐसा सम्मेलन आयोजित करना गौरव की बात है।
सम्मेलन की अध्यक्षता करने वाले भारत ने संसाधन जुटाने के मुद्दे पर जारी बाधाओं को दूर करने में अग्रणी भूमिका निभायी।
जैवविविधता के संरक्षण के लिए निर्धारित किए गए लक्ष्य जिन्हें आइची लक्ष्य के नाम से जाना जाता है , 2020 तक हासिल कर लिए जाएंगे।