केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने केन्द्र की प्रमुख जनकल्याण योजनाओं के लिये राज्यों को धन जारी करने की प्रणाली में बदलाव की योजना आयोग की पहल का विरोध किया है।
रमेश ने कहा है कि प्रस्तावित बदलावों से वित्तीय कोष जारी करने के सारे नियंत्रण वित्त मंत्रालय के पास चले जायेंगे जबकि अन्य विभाग केवल ेदर्शक े बनकर रह जायेंगे।
ग्रामीण विकास मंत्री रमेश ने नरेगा, ग्रामीण सड़क योजना तथा पेयजल एवं स्वच्छता योजना को केंद्र प्रायोजित योजनाओं :सीएसएस: के बजाय अतिरिक्त केंद्रीय सहायता :एसीए: वाले कार्यक्रमों में बदलने पर ेगंभीर चिंता े जताई है।
रमेश ने कहा है कि इससे राज्यों को धन के वितरण में भारी देरी होगी।
रमेश ने इस बारे में योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह आहलूवालिया को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया कि इस कदम का परिणाम यह होगा कि वित्त मंतालय े जारी होने वाली सारी राशि पर नियंत्रण करेगा जबकि सम्बद्ध मंत्रालय दर्शक बनकर रह जाएंगे। े
मंत्री ने पत्र में कहा है, ेमुझे इस कदम का कोई तर्क नजर नहीं आता है। े
सूत्रों के अनुसार प्रमुख कार्यक्रम जो अभी सीएसएस श्रेणी में आते हैं उन्हें एसीए कार्यक्रम के रूप में पुन:श्रेणीबद्ध किया जाएगा।
भाषा
नननन