सीआईए को ओसामा बिन लादेन की पहचान में कथित तौर पर सहायता करने वाले पाकिस्तानी डॉक्टर से किसी भी तरह के संपर्क से इंकार करते हुए लंदन स्थित एक एनजीओ ने आज कहा कि वह अपने कर्मचारी को वीजा मना किए जाने के मामले में पाकिस्तान से स्पष्टीकरण मांग रहा है ।
सेव द चिल्ड्रेन संगठन ने कहा कि पाकिस्तान में उसके अंतरराष्ट्रीय कर्मचारी को देश छोड़ने के लिए दो महीने की मोहलत दी गई । पाकिस्तान ने इस अचानक निष्कासन की कोई वजह नहीं बताई ।
सेव द चिल्ड्रेन की निदेशक इश्बेल माथेसन ने प्रेट्र को बताया कि संगठन का डॉ. शकील अफरीदी के साथ कोई लेना देना नहीं है जिसने कथित तौर पर सीआईए को एबोटाबाद में टीकारण कार्यक्रम के जरिए ओसामा बिन लादेन की पहचान में मदद की ।
उन्होंने कहा कि संगठन को पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने सूचित किया कि उनके छह अंतरराष्ट्रीय कर्मचारियों के वीजा का नवीनकरण नहीं किया जा सकता ।
माथेसन ने कहा, हमें अभी भी इसके वजहों की जानकारी नहीं है और हम तत्काल इसका स्पष्टीकरण मांग रहे हैं ।