कैबिनेट न्यायमूर्ति एम.बी. शाह आयोग का कार्यकाल और एक साल बढ़ाने के प्रस्ताव पर कल चर्चा कर सकता है। शाह आयोग लौह और मैग्नीज अयस्क के अवैध खनन के मुद्दों की जांच कर रहा है।
घटनाक्रम से जुड़े सूत्रों ने बताया, कैबिनेट द्वारा शाह जांच आयोग का कार्यकाल और एक साल के लिए बढ़ाने के खान मंत्रालय के प्रस्ताव पर विचार किए जाने की पूरी संभावना है। न्यायमूर्ति शाह को ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, कर्नाटक और मध्य प्रदेश सहित छह..सात राज्यों का दौरा करने के लिए और समय की जरूरत है।
खान मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने प्रेट्र को बताया, हमने उनका कार्यकाल एक साल तक के लिए बढ़ाने का प्रस्ताव पहले ही कर दिया है क्योंकि उन्हें :न्यायमूर्ति एम.बी. शाह: कुछ राज्यों में खानों का दौरा करने की जरूरत है। इसके अलावा, आंकड़ों का संग्रह भी एक कठिन काम है।
अवैध खनन के मुद्दों की जांच करने के लिए नवंबर, 2010 में गठित आयोग को अपने गठन से 18 महीने के भीतर अंतिम रपट सौंपनी थी। अभी तक आयोग दो अंतरिम रपटें सौंप चुका है जिसमें से देशभर में लौह अयस्क खनन पर आधारित एक रपट पिछले साल सौंपी गई, जबकि दूसरी रपट इस साल मार्च में सौंपी गई जो गोवा में अवैध खनन पर आधारित थी।