सरकार ने कंपनियों के लिए सिम की बाध्यता से जुड़े निर्देशों पर अमल की समयसीमा दिसंबर के आखिर तक बढ़ा दिया है। अलबत्ता दूरसंचार विभाग से कोई आधिकारिक अधिसूचना अभी जारी नहीं हुई है। घटनाक्रम से वाकिफ सूत्रों ने यह जानकारी दी।
इस कदम से व्हाट्सऐप, टेलीग्राम जैसे ओवर-द-टॉप (ओटीटी) प्लेटफॉर्म के साथ-साथ मेटा और गूगल जैसी बड़ी टेक कंपनियों और डिवाइस विनिर्माताओं को मदद मिलेगी, जिन्होंने तकनीकी चुनौतियों का हवाला देते हुए इस निर्देश को लागू करने को लेकर चिंता जताई थी। सूत्रों ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया कि सिम-बाइंडिंग के लिए दूरसंचार सेवा प्रदाताओं ने शुरुआत तो की थी, लेकिन छोटे स्तर पर।
दूरसंचार विभाग ने 28 नवंबर को निर्देश जारी किए थे। इसमें व्हाट्सऐप, टेलीग्राम और सिग्नल जैसी ऐप-आधारित संचार सेवाओं को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा था कि देश में ऐप-आधारित संचार सेवाएं प्रदान करने वाले प्लेटफॉर्म के लिए सिम-बाइंडिंग हो। इसका मतलब था कि ओटीटी ऐप को किसी डिवाइस पर चलाने के लिए हमेशा ही केवाईसी सत्यापित किसी फिजिकल सिम की आवश्यकता होगी। इस निर्देश में पहचान या सेवा वितरण के लिए मोबाइल नंबरों का उपयोग भी अनिवार्य किया गया था।