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वेस्टर्न डिजिटल का दावा: भारत बनेगा ग्लोबल डेटा हब, अगले कुछ वर्षों में दोगुनी होगी डेटा सेंटर्स की क्षमता

वेस्टर्न डिजिटल का मानना है कि एआई और हाइपरस्केलर्स के बढ़ते प्रभाव के कारण भारत में डेटा सेंटर की क्षमता दोगुनी होने वाली है, जिससे स्टोरेज बिजनेस में जबरदस्त तेजी आएगी

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आशीष आर्यन   
Last Updated- March 02, 2026 | 10:41 PM IST

वेस्टर्न डिजिटल में भारत, पश्चिम एशिया और अफ्रीका के लिए बिक्री निदेशक ओवैस मोहम्मद का कहना है कि भारत दुनिया भर में उन कुछ प्रमुख बाजारों में से एक रहेगा, जो अगले कुछ वर्षों के दौरान स्टोरेज और डेटा सेंटर व्यवसाय में शानदार वृद्धि दर्ज करेंगे।

उनका मानना है कि डेटा केंदों के लिए भारत में कुल क्षमता अगले कुछ वर्षों के दौरान दोगुनी हो जाने का अनुमान है और इस क्षेत्र में कुछ समय तक दो अंक की वृद्धि बरकरार रहेगी।  मोहम्मद ने कहा कि वृद्धि में बड़ा योगदान दिग्गज तकनीकी कंपनियों का रहा है, जिनकी वजह से फ्लैश और हार्ड डिस्क ड्राइव (एचडीडी) दोनों सेगमेंट में कमी आई है।

उन्होंने कहा, ‘हाइपरस्केलर पूर्व निर्धारित क्षमता विस्तार को प्राथमिकता देते हैं क्योंकि एआई लंबे समय तक चलने वाले डेटा, ट्रेनिंग सेट, मॉडल वर्सन, इन्फरेंस लॉग और कंप्लायंस आर्काइव की लगातार मांग पैदा कर रहा है, जो जल्द डिलीट नहीं होते। इसका मतलब है कि ज्यादा क्षमता वाले नियरलाइन ड्राइव को तेजी से अपनाया जा रहा है और अगली पीढ़ी की टेक्नॉलजी में दिलचस्पी बढ़ी है, क्योंकि वे एक्जाबाइट स्केल पर स्टोरेज बढ़ाने की योजना बना रहे हैं।’

डब्ल्यूडी के तौर पर रीब्रांडेड वेस्टर्न डिजिटल ने पिछली तिमाही में अपने 32 टीबी नियरलाइन एचडीडी की 35 लाख यूनिट भेजीं। इस साल यह आंकड़ा 40 लाख पर पहुंचने की संभावना है।

First Published : March 2, 2026 | 10:41 PM IST