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FY26 में ऑटो बिक्री रिकॉर्ड ऊंचाई पर, 2.95 करोड़ के पार पहुंचने के आसार

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इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की बिक्री भी पहली बार 25 लाख का आंकड़ा पार कर गई है जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 22 फीसदी अधिक है

Last Updated- March 30, 2026 | 10:52 PM IST
Auto Sales june 2026

वित्त वर्ष 2026 में देश में वाहनों की बिक्री का आंकड़ा पिछले वित्त वर्ष की तुलना में करीब 13 फीसदी बढ़कर सर्वकालिक उच्च स्तर 2.95 करोड़ वाहन को पार कर सकता है। वाहन पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 30 मार्च तक 2.94 करोड़ वाहनों की बिक्री हो चुकी थी। इसी तरह इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की बिक्री भी पहली बार 25 लाख का आंकड़ा पार कर गई है जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 22 फीसदी अधिक है।

वृद्धि को मुख्य तौर पर जीएसटी 2.0 सुधार, कर व रीपो दर में राहत, ग्रामीण भारत का अच्छा प्रदर्शन और त्योहारी सीजन के दौरान दमदार उपभोक्ता धारणा से रफ्तार मिली। नवरात्र और दीवाली जैसे त्योहारी सीजन ने वार्षिक बिक्री में करीब 25 फीसदी का योगदान किया।

इसके मुकाबले वित्त वर्ष 2025 में कुल बिक्री करीब 2.61 करोड़ वाहनों की रही थी। लगभग सभी वाहन श्रे​णियों में वृद्धि दर्ज की गई। दोपहिया वाहनों की बिक्री 2.11 करोड़ वाहन के आंकड़े को पहले ही पार कर चुकी है। इसी प्रकार कारों की बिक्री 46 लाख वाहन और तिपहिया वाहनों की बिक्री करीब 13.5 लाख के पार पहुंच गई। पिछले वित्त वर्ष के दौरान दोपहिया वाहनों की बिक्री 1.88 करोड़, यात्री वाहनों की बिक्री 42 लाख और तिपहिया वाहनों की बिक्री 12 लाख रही थी।

वाहन डीलरों के संगठन फाडा के अध्यक्ष सीएस विघ्नेश्वर ने कहा, ‘जीएसटी सुधार के बाद दमदार त्योहारी सीजन के कारण सभी श्रेणियों का प्रदर्शन अच्छा रहा, सिवाय निर्माण उपकरण के। सबसे महत्त्वपूर्ण बात यह है कि वृद्धि को मुख्य तौर पर ग्रामीण भारत के आंकड़ों से रफ्तार मिली। हम उम्मीद करते हैं कि वित्त वर्ष 2027 में भी यही रफ्तार बरकरार रहेगी।’ साल के दौरान इले​क्ट्रिक वाहनों पर जोर से बिक्री को जबरदस्त रफ्तार मिली। इले​​क्ट्रिक वाहनों की बिक्री वित्त वर्ष 2025 में करीब 20.5 लाख वाहन थी जो बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में करीब 25 लाख वाहन हो गई।

एनवायरो कैटलिस्ट्स के संस्थापक और प्रमुख विश्लेषक सुनील दहिया ने कहा, ‘हमने दोपहिया वाहनों में 12.1 फीसदी की दमदार वृद्धि देखी है और उसने 2.1 करोड़ वाहन के आंकड़े को पार कर लिया है। यह पेट्रोल और एथनॉल मिश्रित वाहनों में 11.8 फीसदी की महत्त्वपूर्ण वृद्धि से प्रेरित है। मगर असली मामला ईंधन परिवर्तन में निहित है। पेट्रोल/डीजल वाहनों की बढ़त बरकरार है और हमने निजी इले​क्ट्रिक कार में 86.6 फीसदी की वृद्धि सहित सभी श्रे​णियों में ईवी को अपनाने में 29.3 फीसदी की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की है।’

उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि पीएम ई-ड्राइव नीति, ई20 एथनॉल मिश्रण को बढ़ावा दिए जाने और मोटर वाहन अधिनियम द्वारा शुरू किए गए नैचुरल रीप्लेसमेंट साइकल के मिलेजुले प्रभाव से भारतीय वाहन बाजार को नई दिशा मिल रही है।

दहिया ने कहा, ‘सबसे महत्त्वपूर्ण बात यह है कि बदलाव का दायरा सार्वजनिक और पैरा-ट्रांजिट तक फैला हुआ है जहां बस श्रेणी में 7.4 फीसदी की वृद्धि हुई है। तिपहिया यात्री परिवहन में ईवी की 62.8 फीसदी हिस्सेदारी आम लोगों की मोबिलिटी अनुभव नए सिरे से परिभाषित कर रही है। अब हम केवल वाहनों की बिक्री ही नहीं कर रहे हैं, ब​ल्कि हम एक स्वच्छ, बेहतर अनुपालन एवं तकनीकी तौर पर उन्नत परिवहन परिवेश की दिशा में देशव्यापी बदलाव देख रहे हैं।’

उद्योग के लिए अक्टूबर और नवंबर के महीने भारी बदलाव लाने वाले रहे। अक्टूबर में बिक्री 40.6 लाख वाहन और नवंबर में बिक्री 33.3 लाख वाहन की सर्वकालिक ऊंचाई पर पहुंच गई थी। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बावजूद मार्च में खरीदारों की भावना प्रभावित नहीं हुई क्योंकि उद्योग 24 लाख वाहन से अधिक की बिक्री पहले ही दर्ज कर चुका है।

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First Published - March 30, 2026 | 10:48 PM IST

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