आईआईटी एलुमनी एसोसिएशन के नये प्रारूप में आईआईटी जेईई आयोजित किये जाने का विरोध करने की पृष्टभूमि में मंत्री की यह टिप्पणी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
राजू ने कहा, इस विषय पर काफी विचार विमर्श किया गया है और मैं समझता हूं कि यह प्रारूप छात्रों को असुविधा से बचाने और उनके वृहद हित में है। इस बारे में अब तक किये गए अच्छे कार्यो पर सवाल उठाना मेरे लिए उचित नहीं होगा... हम इस पर 2013 से अमल करने पर कायम हैं।
आईआईटी एवं एनआईटी जैसे अन्य तकनीकी संस्थाओं में दाखिले के लिए छात्रों को अगले वर्ष से आईआईटी...जेईई के नए प्रारूप में बैठना होगा। यह प्रारूप दो स्तरीय है जिसमें 12वीं कक्षा के अंकों को भी तवज्जो दी जायेगी।
बहरहाल, आईआईटी एलुमनी एसोसिएशन ने कहा है कि आईआईटी के पूर्व छात्र एवं शिक्षक परीक्षा के प्रारूप में बदालव से खिन्न हैं।
यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार छह से 14 वर्ष के बच्चों को नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार कानून को लागू करने के लिए राज्यों को निर्धारित समयसीमा को बढ़ायेगी, मानव संसाधन विकास मंत्री ने कहा, नहीं।