मुख्य न्यायाधीश भास्कर भट्टाचार्य और न्यायमूर्ति जे बी परदीवाला की खंडपीठ ने आज उर्जा और पेट्रोरासायनिक मंत्रालय के सचिव, गुजरात उर्जा निगम लिमिटेड के सीएमडी और पाटन के जिला कलेक्टर को नोटिस जारी किये और अगली सुनवाई के लिए 29 नवंबर की तारीख मुकर्रर की।
पाटन के रहने वाले फरसू गोकलानी ने जनहित याचिका में आरोप लगाया है कि राज्य सरकार द्वारा सौर पार्क के लिए करीब 2,456 हेक्टेयर जमीन चिह्नित किये जाने से कुछ ही समय पहले भाजपा विधायकों और मंत्रियों से जुड़े गिने चुने लोगों ने ही बहुत कम कीमत पर जमीन खरीदी है।
उन्होंने दावा किया, गरीब किसानों से सस्ती दरों पर बड़ी जमीन खरीदने के बाद राज्य सरकार ने अधिक मुआवजा देकर जमीन का अधिग्रहण किया। इनमें से अधिकतर किसान अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के हैं।
गोकलानी ने अपनी याचिका में आरोप लगाया, 12 अगस्त, 2010 को एक लाख रुपये देकर जमीन खरीदने वाले लोगों को कुछ महीनों की अवधि में 26,04,729 रुपये का मुआवजा दिया गया।